विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लॉकडाउन में बढ़ी घरेलू हिंसा के खिलाफ ट्विटर पर शुरू हुआ कैंपेन Tweetathon - #Akhirkyon

By Shilpa SrivastavaEdited By:
Published: Thu, 28 May 2020 06:41 PM (IST)Updated: Thu, 28 May 2020 06:44 PM (IST)

ट्विटर पर ‘लव मैटर्स इंडिया’ नामक संगठन की पहल पर शुरू हो रहे इस अभियान का मकसद घरेलू हिंसा में बढ़ोतरी के खिलाफ जन जागरण शुरू करना है।

लॉकडाउन में बढ़ी घरेलू हिंसा के खिलाफ ट्विटर पर शुरू हुआ कैंपेन Tweetathon - #Akhirkyon
लॉकडाउन में बढ़ी घरेलू हिंसा के खिलाफ ट्विटर पर शुरू हुआ कैंपेन Tweetathon - #Akhirkyon

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। देश में कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। हालांकि, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लॉकडाउन में घरेलू हिंसा की घटनाओं में इस दौरान बेतहाशा इजाफा हुआ है। राष्ट्रीय महिला आयोग के आंकड़े सामने आने के बाद ट्विटर पर अब इन घरेलू हिंसा की घटनाओं पर खूब चर्चा हो रही है।

घरेलू हिंसा के खिलाफ ट्विटर पर गुरुवार से एक अभियान शुरू किया गया है, जिसमें लॉकडाउन में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा क्यों बढ़ रही है, उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दस प्रमुख संगठनों ने मैराथन की तर्ज पर ‘ट्वीटएथोन’ शुरू किया है, जो ‘#चुप्पीतोड़ो’ और ‘#आखिर क्यों?’ के रूप में है। अगर आप भी घरेलू हिंसा के शिकार हुए हैं तो अपने दर्द को ट्विटर पर बयां कर सकते हैं।

इस संगठन ने सैकड़ों ट्वीट कर सवाल उठाए हैं कि महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसाएं क्यों बढ़ रही हैं। ‘लव मैटर्स इंडिया’ नामक संगठन की पहल पर शुरू हो रहे इस अभियान का मकसद घरेलू हिंसा में बढ़ोतरी के खिलाफ जन जागरण शुरू करना है। आपको बता दें कि ट्विटर पर 10 से अधिक संगठन इस अभियान में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें ‘पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया’, ‘इंटरनेशनल रिसर्च सेन्टर ऑन वीमेन’, ‘आई’, ‘ब्रेकथ्रू’, ‘शक्ति शालिनी’, ‘हैया’, ‘सी आर ई आए’ जैसे संगठन शामिल हैं, जिन्होंने ‘ट्वीटएथोन’ शुरू किया है।

हाल ही में सामने आए महिला आयोग के आंकड़े बताते हैं कि लॉकडाउन के एक महीने में घरेलू हिंसा के मामलों में दो गुना इजाफा हुआ है। महिला आयोग ने 23 मार्च से अब तक घरेलू हिंसा के 587 मामले दर्ज किए, जबकि 27 फरवरी से 22 मार्च तक 396 मामले दर्ज किए थे।

कोरोनावायरस की वजह से लोग घर में कैद हैं और ऐसे में घर से बढ़कर महफूज जगह कोई नहीं है। घर में ही अगर हिंसा, गाली-गलौज का माहौल बन जाए तो इंसान कहां जाएगा। लॉकडाउन की वजह से घरेलू हिंसा सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में बढ़ी है। ट्विटर पर घरेलू हिंसा को लेकर अब जमकर बहस चल रही है। लोगों ने जबरदस्त तरीके से इन हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई है। हिंसा के शिकार लोग ट्विटर पर ही अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।

                Written By Shahina Noor