वक्त की कमी का रोना नई बात नहीं है। 10 में से 9 लोग ऐसा करते मिल जाएंगे। ऐसे लोग अपनी तमाम नाकामियों का दोष समय की कमी के सिर मढ़ देते हैं। अगर आप भी ऐसे ही लोगों में से हैं तो कुछ पल ठहर कर सोचिए। लियोनार्डो द विंची, अल्बर्ट आइंस्टिन या उन जैसी सैकड़ों हस्तियों के पास भी दिन में सिर्फ 24 घंटे ही थे। टाइम मैनेजमेंट जितना खराब होगा, तरक्की उतनी ही धीमी होगी। इस मैनेजमेंट को तो फौरन बेहतर करना चाहिए। यहां जानिए, इसे कैसे बेहतर किया जा सकता है।

1. लिस्ट बनाएं

हर दिन शाम को अगले दिन के कार्यों की एक लिस्ट बनाएं। लिस्ट में लिखे कामों के सामने प्राथमिकता के आधार पर 1 से दस तक नंबर डालें। अगले दिन की शुरुआत 1 नंबर के काम से करें। उसके बाद क्रमश: सभी काम कंप्लीट करें। हमेशा लिस्ट में उतने ही काम दर्ज करें, जिन्हें आप एक दिन में पूरा कर सकें।

2. डेडलाइन सेट करें

हर काम के लिए न केवल समय तय करें, बल्कि तय समय में उसे निपटाने की कोशिश करें। अगर कोई काम तय समय में पूरा नहीं हो पाता तो अगले काम की डेडलाइन आगे न खिसकाएं। थोड़ा फास्ट काम करके दोनों कामों की डेडलाइन मेंटेन करें। 

3. मल्टीटास्किंग से तौबा

कुछ लोग समय बचाने के लिए मल्टीटास्किंग का सहारा लेते हैं। लेकिन शोध बताते हैं कि ऐसी कार्यशैली में समय ज़्यादा खराब होता है, क्योंकि कई काम एक साथ करने की वजह से व्यक्ति कोई भी काम ठीक से नहीं कर पाता और कई बार कुछ काम दोबारा करने पड़ते हैं।

4. स्पीड मेंटेन करें

स्पीड मेंटेन करना और व्यवस्थित रहना भी टाइम मैनज़मेंट का हिस्सा है। धीमी गति से काम करने और अव्यवस्थित रहने पर न सिर्फ समय बर्बाद होता है, बल्कि इमेज़ भी खराब होती है।  

5. निपटें रुकावटों से

काम के दौरान कई बार शॉपिंग मॉल, बैंक, डायरेक्ट मार्केटिंग या बीमा कंपनियों के एजेंट्स के फोन कॉल्स आते रहते हैं, जिन्हें अटेंड करने में समय बर्बाद होता है। कुछ परिचित भी इधर-उधर की बातों में दिन जाया करते हैं। इनसे बचने के लिए दो मोबाइल नंबर अपने पास रखें। इनमें से एक को पर्सनल नंबर बनाएं और उसे $खास लोगों को ही दें। दूसरे नंबर को काम के दौरान साइलेंट मोड में रखें। इसके अलावा मोबाइल फोन में वॉट्सएप, ईमेल नोटिफिकेशन बंद रखें। बार-बार नोटिफिकेशन आने से ध्यान बंटता है।

6. ब्रेक लें

काम के बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लें और इस दौरान वॉट्सएप मैसेज, ईमेल आदि का ज़वाब देने के अलावा महत्वपूर्ण लोगों से फोन पर बात करें। इससे फ्रेशनेस तो फील होगी ही, टाइम भी वेस्ट नहीं जाएगा।

7. आकलन करें

कई बार टाइम मैनेजमेंट के एक से बढ़कर एक तरीके अपनाने के बाद भी ज़रूरी काम समय से पूरे नहीं हो पाते। ऐसे में दिन भर की गतिविधियों का आकलन करें और समझें कि कौन-से नॉन प्रोडक्टिव काम पूरे दिन में आपने किए। अगले दिन उन कामों से बचने की कोशिश करें।

डॉ. विवेक शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर (आईएमएस, देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर से बातचीत पर आधारित)

Posted By: Priyanka Singh

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