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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लड़कियों में बढ़ रहा है Anemia का खतरा, दिखने लगें अगर ये संकेत तो तुरंत ले डॉक्टर से अपॉइंटमेंट

Published: Thu, 23 Jan 2025 10:40 AM (IST)

भागती दौड़ती जिंदगी में खुद की सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। कहीं ऐसा न हो कि आप काम ...और पढ़ें

एनीमिया के लक्षण पता चलते ही डॉक्टकर के पास जाएं। ( Pic Courtesy : Freepik)
एनीमिया के लक्षण पता चलते ही डॉक्टकर के पास जाएं। ( Pic Courtesy : Freepik)

HighLights

  1. एनीमिया के लक्षण धीरे-धीरे पता चलते हैं
  2. हमेशा डॉक्टर की सलाह पर लें दवाई
  3. डाइट में हेल्दी खाना शुरू करें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। एनीमिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है या लाल रक्त कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है। हीमोग्लोबिन एक प्रोटीन है जो लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है और जो ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचाने में मदद करता है। 

रिपोर्ट में खुलासा महिलाओं को ज्यादा खतरा

 

पीयर-रिव्यूड यूरोपियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित सर्वेक्षण-आधारित अध्ययन के अनुसार, किशोरों, वयस्कों और बुजुर्गों से रक्त के नमूने लिए गए, जिसमें पुरुषों की तुलना में महिलाओं में एनीमिया का अधिक प्रसार देखा गया। वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने आठ राज्यों में लगभग 4,500 लोगों के हीमोग्लोबिन (एचबी) सांद्रता को मापा। प्रतिभागियों में से, 34.9 प्रतिशत एनीमिया से पीड़ित थे।

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जो आंकड़ें सामने आए वो हैरान करने वाले थे। एनीमिया की व्यापकता किशोर लड़कियों में 44%, वयस्कों में 41 प्रतिशत और बुजुर्ग महिलाओं में 45 प्रतिशत थी, जबकि किशोर लड़कों, वयस्कों और बुजुर्ग पुरुषों में यह 24 प्रतिशत, 21 प्रतिश और 37 प्रतिशत थी।

बता दें कि एनीमिया का समग्र प्रसार व्यापक रूप से भिन्न था, मेघालय में 12 प्रतिशत से लेकर असम में 70% तक था। हीं आयरन की कमी से संबंधित एनीमिया का प्रसार एनीमिया के कुल मामलों में से एक तिहाई से भी कम था, और उम्र और लिंग समूहों के बीच अलग-अलग था, केवल किशोर लड़कियों में 45 प्रतिशत तक पहुंच गया।

एनीमिया के कारण

विटामिन बी12 की कमी: विटामिन बी12 लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक है। विटामिन बी12 की कमी से एनीमिया हो सकता है।

फोलिक एसिड की कमी: फोलिक एसिड लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक है। फोलिक एसिड की कमी से एनीमिया हो सकता है।

क्रोनिक बीमारी: क्रोनिक बीमारी जैसे कि किडनी रोग, मधुमेह, और अर्थराइटिस से एनीमिया हो सकता है।

एनीमिया के लक्षण

थकान और कमजोरी हो सकती है।

त्वचा और आंखों के नीचे के हिस्से में पीलापन आ सकता है।

एनीमिया से सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

दिल की धड़कन तेज हो सकती है।

एनीमिया से सिरदर्द हो सकता है।

एनीमिया का इलाज

विटामिन बी12 की सप्लीमेंट लेने से एनीमिया का इलाज किया जा सकता है।

फोलिक एसिड की सप्लीमेंट लेने से एनीमिया का इलाज किया जा सकता है।

रक्तस्राव का इलाज करने से एनीमिया का इलाज किया जा सकता है।

Study Source : european journal of clinical nutrition

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