चेहरे और हाथ के तापमान से लगा सकते हैं व्यक्ति के थर्मल कम्फर्ट का पता, एक स्टडी में हुआ खुलासा
हर व्यक्ति को अलग-अलग तापमान पर आराम महसूस होता है। कुछ लोगों को ज्यादा गर्मी महसूस होती है तो कुछ को कम। इससे यह समझा जा सकता है कि हर इंसान का थर्मल कम्फर्ट अलग होता है। हाल ही में इससे जुड़ी एक स्टडी भी सामने आई है जिसके मुताबिक व्यक्ति के चेहरे और हाथ के तापमान से उसके थर्मल कम्फर्ट का पता लगा सकते हैं।
प्रेट्र, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि चेहरे और हाथ के तापमान से व्यक्ति के तापमान संबंधी आराम का अंदाजा लगाया जा सकता है। ये हम नहीं कह रहे बल्कि हाल ही में हुए एक शोध में यह दावा किया गया है।
यूके के नाटिंघम विश्वविद्यालय की ओर से किए गए एक अध्ययन में विज्ञानियों के मुताबिक चेहरे और हाथों की त्वचा का तापमान व्यक्ति की आरामदायकता से काफी हद तक जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि इसके निष्कर्ष पहनने योग्य तकनीक और भवनों के लिए स्मार्ट जलवायु नियंत्रण प्रणालियों के डिजाइन में मदद कर सकते हैं।
'एनर्जी एंड बिल्ड एनवायरमेंट' पत्रिका में प्रकाशित इस विश्लेषण के दौरान साल 2000 से अब तक इस विषय पर किए गए 172 लेखों की समीक्षा की गई। लेखकों ने पाया कि शरीर के कुछ अंगों पर प्रदान की गई ठंडक (जैसे पीठ या छाती पर ) आराम को काफी बढ़ा सकती है, जबकि स्थानीय गर्मी का प्रभाव बहुत कम होता है।
इसके अलावा, वृद्ध गर्मी के प्रति कम संवेदनशील होते हैं जिससे उन्हें अधिक गर्म होने का उच्च जोखिम होता है जबकि महिलाओं को तापमान के प्रति अधिक संवेदनशील पाया गया। प्रमुख लेखक जान कैलौटिट ने कहा,'यह ज्ञान सुरक्षित, स्वस्थ और अधिक टिकाऊ स्थानों के डिजाइन में मदद कर सकता है। इससे न सिर्फ लागत कम होती है बल्कि ऊर्जा का भी सही उपयोग होता है।'
उन्होंने कहा कि माथे और गाल के अलावा छाती और पीठ, शरीर के वे स्थान हैं जो तापमान में बदलाव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं और जिनकी निगरानी करना आसान होता है। आगे कहा कि स्मार्ट भवन प्रौद्योगिकियां इस शारीरिक डाटा का उपयोग करके स्वचालित रूप से आरामदायक और ऊर्जा-कुशल वातावरण प्रदान कर सकती हैं जिसमें निवासियों से न्यूनतम इनपुट की आवश्यकता होती है और बेहतर परिणाम संभव है।
थर्मल कम्फर्ट के लिए मिलता है दृष्टिकोण
टीम के मुताबिक, इस क्षेत्र में अब तक किए गए अनुसंधान बिखरे हुए और असंगत है। ऐसे में यह समीक्षा त्वचा के तापमान और थर्मल संवेदनाओं के बीच के संबंध पर अब तक का सबसे व्यापक डाटा प्रदान करती है।
उनके मुताबिक, जलवायु पृष्ठभूमि भी महत्वपूर्ण है मसलन गर्म क्षेत्रों के लोग तापमान पर अलग तरह से प्रतिक्रिया करते हैं जबकि ठंडे क्षेत्रों के लोग अलग तरह से जिससे थर्मल कम्फर्ट के लिए अधिक अनुकूलित दृष्टिकोण की आवश्यकता का सुझाव मिलता है। कहा, समीक्षा से पता चलता है कि त्वचा के तापमान के लिए सबसे सामान्य माप बिंदु चेहरे और हाथ हैं जो उनकी उच्च थर्मल संवेदनशीलता और मापने की व्यावहारिक सरलता के कारण हैं।
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