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सिर्फ 'ससुराल गेंदा फूल' नहीं, ये हैं छत्तीसगढ़ के मशहूर लोकगीत; जन्म से लेकर विदाई तक के लिए हैं खास गाने

Published: Tue, 03 Nov 2026 06:17 PM (IST)

छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति वहां गाए जाने वाले लोकगीतों में झलकती है।

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ का म्यूजिक सिर्फ ससुराल गेंदा फूल तक सीमित नहीं है। यहां की लोक संस्कृति में कई लोकगीत और लोकसंगीत शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग मौकों पर गाया जाता है। ये लोक संगीत वहां की संस्कृति का अहम हिस्सा हैं। 

बच्चे के जन्म से लेकर विवाह, फसलों की कटाई और त्योहारों से जुड़े कई खास तरह के गीत यहां गाए जाते हैं। आइए जानें छत्तीसगढ़ के लोकसंगीत में कौन-कौन से गीत शामिल हैं। 

पंडवानी 

छत्तीसगढ़ के संगीत की बात करें, तो पंडवानी सबसे पहले आता है। इसमें महाभारत की कथाओं को तंबूरे और खड़ताल की धुन पर सुनाया जाता है। पंडवानी में गीतों के साथ-साथ नाटक का भी मेल देखने को मिलता है। इसके भी दो प्रकार होते हैं, कपालिक शैली और बैदेसी शैली। छत्तीसगढ़ की शान कहलाने वाली तीजन बाई कपालिक शैली में ही पंडवानी गाती थी। 

भरथरी 

इसे मुख्य रूप से नाथ संप्रदाय की महिलाएं गाती हैं। इन लोकगीतों में राजा भर्तृहरि के वैराग्य और रानी पिंगला के त्याग की कहानी को बहुत ही भावुक कर देने वाले अंदाज में गाया जाता है। इन गीतों को सारंगी या इकतारा की धुन पर गाया जाता है। 

सुआ गीत

सुआ गीत छत्तीसगढ़ के लोकनृत्यों और गीतों में खास जगह रखता है, जिसे महिलाएं ही गाती हैं। इसे दीवाली के आस-पास के समय में फसल की कटाई के समय गाया जाता है। घर के आंगन के बीच में महिलाएं नए अनाज से भरी टोकरी रखती हैं और उसके ऊपर लकड़ी का तोता रखकर गोल घेरे में घूमते हुए सुआ गीत गाती हैं और नृत्य करती हैं। 

सोहर गीत 

बच्चे के जन्म की खुशी मनाने के लिए सोहर गीत गाए जाते हैं। महिलाएं नवजात शिशु के घर जाती हैं और इन गीतों के जरिए बच्चे को आशीर्वाद देती हैं और उसके अच्छे भविष्य की कामना करती हैं। 

चंदेनी

ये छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गाथा-गीत शैली है, जो लोरिक और चंदा की प्रेम कहानी सुनाई जाती है। इन गीतों में प्रेम और विरह को बहुत ही खूबसूरत तरीके से बयां किया जाता है। 

बिहाव गीत

बिहाव गीत छत्तीसगढ़ के विवाह गीतों को कहा जाता है। इन गीतों में शादी की अलग-अलग रस्मों से जुड़े गीत होते हैं, जैसे- हल्दी, भावर, विदाई आदि। इन गीतों को आमतौर पर महिलाएं गाती हैं। इनमें शादी से जुड़ी भावनाओं के साथ हंसी-मजाक को भी शामिल किया जाता है। 


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