यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Successful Life: असफलताओं की 5 वजहें, जो आपको कभी आगे बढ़ने नहीं देंगी!
वैसे देखा जाए तो असफलता ही सफलता की वो पहली सीढ़ी है जिसपर चलकर किसी भी इंसान के लिए नया ...और पढ़ें

HighLights
- एक व्यक्ति की असफलता के पीछे कई कारण होते हैं।
- जरूरी है कि इन्हें हम पहचानें और खुद में बदलाव करें।
- और फिर देखें कि सफलता की सीढ़ी पर चढ़ने से आपको कोई नहीं रोक पाएगा।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जीवन में सफल होना तो जरूरी है लेकिन कहां सफल होना है, क्यों होना है और कब तक होना है यह सब खुद आप पर निर्भर करता है क्योंकि सफलता और असफलता के बीच बस एक शब्द का अंतर है 'अ’।
लेकिन यही एक शब्द 'अ' ही अ से ज्ञ तक के ज्ञान, समझ, व्यवहार कुशलता, हार न मानना, गिर-गिर कर उठना, कमजोर न पड़ना, कड़ी मेहनत और मशक्कत करना, बिना डरे बढ़ते जाना, मंजिल मिलने तक रुकना नहीं जैसी बातों को सिखाता है।
किसी भी लक्ष्य के बारे में सोचने से लेकर उसे बनाने और फिर उसके लिए स्किल डेवलप करने से लेकर कॉम्पीटिशन में जोरदार प्रदर्शन करने और फिर सफलता का शॉट लगाने तक का सफर यूं ही नहीं मिलता। इसके लिए कई बार असफलता का मुंह तो देखना ही पड़ता है।
देखा जाए तो असफलता ही सफलता की वो पहली सीढ़ी है जिसपर चलकर कोई भी इंसान नया इतिहास लिख सकता है। ऐसे में हमारी असफलता के कुछ बिन्दुओं का उद्घाटन और उनमें पर्याप्त बदलाव ही सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
तो आइए जानते हैं असफलता के प्रमुख 5 कारणों के बारे में
असफलता के प्रमुख पांच कारण
दिशाहीन होना, लक्ष्य निर्धारित न होना: जीवन में वही व्यक्ति दिशाहीन है जिसने अपने जीवन का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। सबसे पहले खुद के स्किल पॉवर को समझें और फिर अपना लक्ष्य बनाएं और अपनी बनाई दिशा में आगे बढ़े। वरना आप असफल रहेंगे।
हिचकिचाहट महसूस होना : असफलता का दूसरा कारण है, "अजी साहब मैं फला काम कैसे कर सकता हूं लोग क्या कहेंगे!" मसलन मैंने एमबीए किया है और कपड़े का बिजनेस शुरू करूं तो इस बात का डर की देखो सीए साहब की कमाई को बेटा उड़ा रहा है। ऐसे में आपको किसी इंश्योरेन्स कंपनी से बुलावा आए तो आपकी सोच कि मैं तो बड़ा चूजी हूं इतने लोग कैसे बनाऊंगा। किसी भी काम को करने के लिए लोगों से जुड़ना जरूरी है लेकिन आप ऐसा करने से डरते हैं।
विनम्रता की कमी: शिष्टाचार ही विनम्रता लाता है, जहां यह नही वहां विनम्रता नहीं। शिष्टाचार विहीन व्यक्ति पूंछ के बिना पशु के समान है। असफलता का ये तीसरा कारण है।
बात न सुनना, खुद ही बहस करना: किसी भी विषय पर भले ही आपको पूरी जानकारी है फिर भी आपको सामने वाले के बोलते वक्त उसे सुनना चाहिए और फिर सोच समझकर ही जवाब देना चाहिए। कारण आपका समुचित ज्ञान सम्पूर्ण ज्ञान तो नहीं है।
कॉन्फिडेंट न होना : किसी भी काम को करते समय खुद में ही कॉन्फिडेंस न होना कि ये काम जरूर सफल होगा। दूसरी तरफ अपने काम की संपूर्ण जानकारी का आभाव असफलता का कारण है।
