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Yoga For Piles: बवासीर के उपचार में बेहद फायदेमंद है ये 5 योगासन

Yoga For Piles पाइल्स या बवासीर में खानपान के अलावा योग भी काफी असरदार होता है। अगर आप रोजाना यहां बताए जा रहे इन खास योगासनों का अभ्यास करेंगे तो बवासीर और मल त्याग के दौरान होने वाले दर्द से काफी हद तक राहत पा सकते हैं।

By Priyanka SinghEdited By: Published: Thu, 04 Aug 2022 07:00 AM (IST)Updated: Thu, 04 Aug 2022 07:35 AM (IST)
Yoga For Piles: योग से करें बवासीर को कंट्रोल

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Yoga For Piles: पेट से जुड़ी ज्यादातर समस्याएं सही खानपान और नियमित योगाभ्यास से दूर हो सकती हैं फिर चाहे वो बवासीर जैसी दर्दनाक समस्या ही क्यों न हो। तो अगर आप भी इस खतरनाक बीमारी से जूझ रहे हैं तो घरेलू उपचार या दवाइयों के साथ नियमति रूप से योग को भी अपने रूटीन में शामिल कर लें। इससे बहुत फायदा मिलेगा। इन योग को सुबह में खाली पेट करने की कोशिश करें।

सर्वांगासन

यह बवासीर के दर्द को कम करने में बेहद असरदार है। इस आसन को करने के दौरान शरीर उलटा होता है मतलब सिर नीचे और पैर ऊपर की ओर होते हैं। जिससे ब्लड का सर्कुलेशन लोअर बॉडी से अपर बॉडी को ओर होता है। पेट के सभी अंगों को फंक्शन के लिए जरूरी मात्रा में ब्लड की सप्लाई होती है। जिससे आंतें भी अपना काम सही तरीके से कर पाती हैं और बवासीर में फायदेमंद मिलता है।

पादहस्तासन

पादहस्तासन पीठ और पैर दर्द दूर करने के साथ मोटापा कम करने के लिए भी असरदार आसन है। इसे करने से पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है जिससे मल त्‍याग के दौरान कम दर्द  होता है। 

पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन गैस, एसिडिटी, कब्‍ज, बवासीर जैसे कई समस्याओं में लाभकारी है। यह शरीर में मौजूद गंदगी को भी बाहर निकालता है। इससे करने से पेट की मसल्स रिलैक्स हो जाती हैं जिससे मल त्याग के दौरान जोर नहीं लगाना पड़ता। इसके अलावा यह आसन कमर दर्द, पीठ दर्द भी दूर करता है।

बालासन

बालासन भी बहुत ही असरदार आसन है कब्‍ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर रखने में। इसके अलावा इस आसन को करने वक्त चेहरे और सिर की ओर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है जो सिरदर्द से राहत दिलाता है और चेहरे की चमक भी बढ़ाता है।

वज्रासन

खाना खाने के बाद महज 5-10 मिनट भी अगर आप इस आसन को कर लेते हैं तो यकीन मानिए कई सारी समस्याओं से मुक्त हो सकते हैं। यह आसन को करने से पैर और लोअर बॉडी की ओर ब्लड सर्कुलेशन तेजी से होता है जिससे भोजन के पाचन में मदद मिलती है और बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

Pic credit- freepik


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