जिम या डेस्क पर अचानक हार्ट अटैक का डर? आपके दिल को महफूज रखेगा ये सिंपल '3-2-1 फॉर्मूला'
आजकल कम उम्र के लोगों में अचानक हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को देखते हुए, दिल को स्वस्थ रखने के लिए '3-2-1 फॉर्मूला' अपनाना जरूरी है।

कैसे रखें अपने दिल का ख्याल? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल एक बहुत ही चिंताजनक मामले देखने को मिल रहे हैं। कम उम्र के और शारीरिक रूप से बिल्कुल फिट दिखने वाले लोग जिम में वर्कआउट करते हुए, दौड़ते समय या अपने दफ्तर की डेस्क पर अचानक गिर रहे हैं। ऐसी खबरें अक्सर हम सभी को डरा देती हैं और मन में सवाल उठाती हैं कि आखिर अपने दिल को कैसे सुरक्षित रखा जाए?
ज्यादातर लोग महंगे टेस्ट्स, स्कैन और वियरेबल ट्रैकर्स का सहारा लेते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA), अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (ACC) व नेशनल हार्ट, लंग, एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (NHLBI) की गाइडलाइंस के मुताबिक, असली समाधान हमारी लाइफस्टाइल और खान-पान में छिपा है। आइए बिजी प्रोफेशनल्स की दिल की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए जानें 3-2-1 का डेली फॉर्मूला।
रोजाना 30 मिनट का फिजिकल मूवमेंट
हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करने के लिए हफ्ते में 150 मिनट की मॉडिरेट इंटेंसिटी की एरोबिक एक्सरसाइज, जैसे- तेज चलना, साइकिल चलाना, स्वीमिंग आदि करना जरूरी है। यानी हफ्ते में 5 दिन रोज 30 मिनट की एक्सरसाइज।
अगर आपके समय कम है या एक बार में 30 मिनट की एक्सरसाइज करना मुश्किल लगे, तो इसे दिनभर में 10-10 मिनट के तीन सेशन में बांट लें।
इसके साथ मेटाबॉलिक और हार्ट हेल्थ के लिए हफ्ते में 2 दिन 30-30 मिनट की मॉडिरेट स्ट्रेंथ ट्रेनिंग रूटीन में जरूर शामिल करें।
खाने में दो हिस्सा सब्जी + एक हिस्सा फल
अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर प्लांट बेस्ड फूड्स, जैसे- साबुत अनाज, दाल, मेवे, हरी पत्तेदार सब्जियां, रंग-बिरंगे फल और सब्जियों को जरूर शामिल करें। फाइबर वाला खाना कोरोनरी आर्टरी डिजीज के खतरे को 20-40% तक कम करता है और ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रॉल में सुधार लाता है।
इसके अलावा, डाइट में सोडियम की मात्रा पर खास ध्यान दें। खान में नमक की मात्रा 2,300 मिग्रा से कम रखें और हाई बीपी के मरीज 1,500 मिग्रा से कम रखें। साथ ही, चीनी की मात्रा महिलाओं के लिए 25 ग्राम और पुरुषों के लिए 36 ग्राम प्रतिदिन से कम होनी चाहिए।
स्ट्रेस कम करने की प्रैक्टिस
लगातार बना रहने वाला स्ट्रेस शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन, ब्लड प्रेशर और सूजन को बढ़ाता है, जो दिल की बीमारियों के बड़े कारण हैं। इसलिए रोजाना 5-10 मिनट के लिए डीप ब्रीदिंग, मेडिटेशन या माइंडफुल वॉकिंग करें। इसके साथ ही, रोज 7-9 घंटे की अच्छी नींद भी जरूरी है, क्योंकि खराब नींद दिल की बीमारियों के जोखिम को बढ़ाती है।
क्यों काम करता है ये फॉर्मूला?
ये आसान नियम हार्ट एसोसिएशन के लाइफ्स एसेंशियल 8 के प्रिंसिपल्स पर काम करता है, जो कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। इसके लिए किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं होती और बिजी लाइफस्टाइल में भी इसे आसानी से शामिल किया जा सकता है।
(डॉ. सुमन बनर्जी, कंसल्टेंट इंटेंसिविस्ट, कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट, नई दिल्ली)
