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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

World Digestive Health Day: क्या आप करते हैं पाचन से जुड़े इन 5 मिथकों पर यकीन, तो जानें क्या है इनकी सच्चाई

By Harshita SaxenaEdited By: Harshita Saxena
Published: Sun, 28 May 2023 12:15 PM (IST)

World Digestive Health Day 2023 इन दिनों लोग पाचन संबंधी कई समस्याओं से परेशान रहते हैं। ऐसे में इन समस्याओं ...और पढ़ें

पाचन तंत्र से जुड़े 5 मिथक और फैक्ट्स
पाचन तंत्र से जुड़े 5 मिथक और फैक्ट्स

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। World Digestive Health Day 2023: एक अच्छा पाचन तंत्र अच्छे स्वास्थ्य का आधार होता है। लेकिन लगातार बिगड़ती जीवनशैली और खान-पान के प्रति लापरवाही की वजह से पाचन संबंधी कई परेशानियां होने लगती हैं। बार-बार मल त्याग करना, कब्ज से लेकर ऐंठन तक पाचन संबंधी कई समस्याओं से लोग अक्सर परेशान रहते हैं। ऐसे में पाचन और पेट से जुड़ी इन समस्याओं के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के मकसद से हर साल 29 मई को ‘वर्ल्ड डाइजेस्टिव हेल्थ डे’ मनाया जाता है।

सेहतमंद रहने के लिए पाचन प्रक्रिया का स्वस्थ रहना भी बेहद जरूरी है। लेकिन अक्सर पाचन से जुड़े कुछ मिथक हमारी समस्याओं को बढ़ा देते हैं। वर्ल्ड डाइजेस्टिव हेल्थ डे के मौके पर आज हम आपको बता रहे हैं पाचन से जुड़े 5 ऐसे मिथकों के बारे में, जिन्हें आप अब तक सच मानते आ रहे हैं।

मिथक 1- मसालेदार भोजन अल्सर का कारण बनता है।

फैक्ट- कई लोगों का ऐसा मानना है कि मसालेदार भोजन से अल्सर होता है। लेकिन यह बात पूरी तरह गलत है। अल्सर हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (एच. पाइलोरी) नामक बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह बैक्टीरिया पेट और छोटी आंत को संक्रमित कर सकता है, जिससे पेट की परत में सूजन और नुकसान पहुंचता है। ऐसे में मसालेदार भोजन अल्सर समस्या में परेशानी बन सकते हैं, लेकिन वह इसका कारण नहीं होते।

मिथक 2- पेट खराब होने पर फायदेमंद है दूध का सेवन।

फैक्ट- पेट खराब होने पर कई लोग दूध का सेवन करते हैं, क्योंकि उनका ऐसा मानना है कि दूध पीने से इस समस्या से निजात मिलेगी। लेकिन असल में दूध पीने से आपका पेट खराब होता है। दूध पेट में एसिड के उत्पादन को बढ़ा सकता है, जिसकी वजह से पेट खराब होता है। ऐसे में अगर आपका पेट खराब है, तो बेहतर होगा कि आप दूध और अन्य डेरी प्रोडक्ट से परहेज करें।

मिथक 3- आप जितना अधिक फाइबर खाएंगे, उतना ही पाचन अच्छा होगा।

फैक्ट-डाइटरी फाइबर सेहत के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन इसकी वजह से पाचन संबंधी कुछ समस्याएं जैसे इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम आदि हो सकते हैं। अगर आप जरूरत से ज्यादा फाइबर खा रहे हैं, तो इसके वजह से ब्लोटिंग, क्रैंपिंग और गैस आदि की समस्या हो सकती है।

मिथक 4- स्विमिंग से पहले कभी नहीं खाना चाहिए।

फैक्ट-इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि स्विमिंग से पहले खाने से ऐंठन हो सकती है। असल में स्विमिंग से पहले कुछ हल्का खाने से लो ब्लड शुगर को कंट्रोल में मदद मिल सकती है, जिसकी वजह से कई बार चक्कर आ सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि तैराकी से पहले भारी खाना खाने से बचें, क्योंकि इसकी वजह से आप ब्लोटेड और असहज महसूस कर सकते हैं।

मिथक 5- सप्ताह में एक बार मल त्याग करना सामान्य है।

फैक्ट- सेहतमंद रहने के लिए नियमित मल त्याग करना बेहद जरूरी है। इस प्रक्रिया के जरिए आंतों के माध्यम से पाचन के बाद बचा हुआ वेस्ट बाहर निकालने में मदद मिलती है। दिन में एक बार मल त्याग करना सामान्य माना जाता है। लेकिन दिन में 3 बार से लेकर हफ्ते में तीन बार तक मल त्याग करना भी सामान्य माना जाता है।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Picture Courtesy: Freepik