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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

World Cancer Day 2023: कैंसर के इन 8 'साइलेंट' लक्षणों को इग्नोर करने की गलती न करें!

By Ruhee ParvezEdited By: Ruhee Parvez
Published: Fri, 03 Feb 2023 04:00 PM (IST)Updated: Fri, 03 Feb 2023 05:17 PM (IST)

World Cancer Day 2023 कैंसर एक क्रॉनिक बीमारी है जो शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है। ...और पढ़ें

World Cancer Day 2023: कैंसर के इन साइलेंट लक्षणों को न करें नजरअंदाज!
World Cancer Day 2023: कैंसर के इन साइलेंट लक्षणों को न करें नजरअंदाज!

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। World Cancer Day 2023: विश्व स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार, कैंसर दुनिया भर में मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है, जिसकी वजह से सिर्फ साल 2018 में ही 9.6 मिलियन मौतें हुई थीं। फेफड़ों, प्रोस्टेट, कोलोरेक्टल, पेट और लिवर का कैंसर पुरुषों में देखे जाने वाले आम तरह के कैंसर हैं। वहीं, स्तन, कोलोरेक्टल, फेफड़ों, सर्वाइकल और थाइरायड कैंसर महिलाओं में आम हैं।

कैंसर का जल्द से जल्द पता लगना और इलाज शुरू होना ही इससे बचने का एकमात्र तरीका है। नियमित तौर पर चेकअप करवाना से इसे समय से पकड़ा जा सकता है। हालांकि, मरीज़ इसके लक्षणों का भी अनुभव कर सकता है।

मस्से में बदलाव दिखना

मस्से के आकार, लंबाई या चौड़ाई या फिर रंग में बदलाव दिखता है, तो इसे हल्के में न लें। इसके पीछे मेलानोमा हो सकता है, जो एक गंभीर तरह का स्किन कैंसर है।

पेशाब में खून आना

पेशाब में खून का आना ब्लैडर कैंसर का सबसे आम लक्षण है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में हीमाटूरिया कहा जाता है। इसमें आमतौर पर दर्द नहीं होता। हालांकि, पेशाब में खून का आना प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों में से एक भी है।

आंत्र की आदतों में बदलाव

आंत्र का कैंसर होने पर मरीज़ कई लक्षणों से जूझता है, जिसमें से एक लगातार आंत्र की आदतों में बदलाव होना भी है। इसकी वजह से मरीज़ को कई बार टॉयलेट जाना पड़ सकता है। मल के साथ खून भी आ सकता है।

गांठ या फिर शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन आना

शरीर पर अचानक गांठ का आना गंभीर हो सकता है। वैसे सभी तरह की गांठें कैंसर नहीं होती, लेकिन गांठ अगर बड़ी, सख्त, छूने पर दर्द न होना या अचानक सूजन आना बीमारी का संकेत हो सकते हैं। कैंसर वाली गांठ का आकार आमतौर पर समय के साथ बढ़ने लगता है, जिसे आप छूकर महसूस कर सकते हैं। यह स्तन, अंडकोष या गर्दन के साथ पैरों और हाथों में भी उभर सकते हैं।

अचानक वज़न का कम होना

एक किसी व्यक्ति को कैंसर है, तो उसका वज़न बिना किसी वजह के अचानक कम होने लगेगा। यह इस बीमारी के अहम लक्षणों में से एक भी है।

लगातार खांसी होना

आपकी खांसी के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। वायरल इन्फेक्शन, अस्थमा, सीओपीडी या फिर गैस्ट्रोइसोफेगल रीफ्लक्स की वजह से भी मरीज़ को लगातार खांसी होती है। हालांकि, गंभीर और लगातार बिगड़ी खांसी फेफड़ों के कैंसर की वजह भी हो सकती है। आपको हर थोड़ी देर में गला साफ करने का दिल चाहेगा। स्टेज बढ़ने पर खांसने पर मुंह से खून या फिर ऑरेंज रंग का बलगम निकल सकता है।

खाना निगलने में दिक्कत

अगर किसी व्यक्ति को खाना निगलने में दिक्कत हो रही है, तो हो सकता है कि वह डिस्फेगिया से जूझ रहा हो। इस तरह का स्थिति उन कैंसर के मरीज़ों में देखी जाती है, जिनकी गर्दन में

ट्यूमर बढ़ रहा हो। इसकी वजह से ब्लॉकेज हो सकती है।

दर्द और बेचैनी

ऐसा दर्द जो हफ्तों और महीनों तक खिंचा जा रहा है, उसे नज़रअंदाज़ करने की गलती न करें। खासतौर पर अगर इसकी वजह समझ नहीं आ रही हो तो।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें। 

Picture Courtesy: Freepik