नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। World Cancer Day 2021: हर साल 4 फरवरी को दुनियाभर में विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। इसकी स्थापना यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल यानी UICC ने की थी। जिसका मकसद लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक कर, इसे होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करना है। ऐसे तो कैंसर एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन कई ऐसे भी कैंसर हैं जिनका पता अगर समय पर लग जाए, तो मरीज़ की जान बचाई जा सकती है। 

कैंसर के बारे में जागरूकता लाने के लिए विश्व कैंसर दिवस को एक थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल कैंसर दिवस की थीम है 'आई एम एंड आई विल' (I AM And I Will) है। इस थीम के अनुसार साल 2019 से 2021 तक कार्यक्रम होंगे। 

हर साल लाखों लोग होते हैं कैंसर के शिकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2018 में करीब 11 लाख नए कैंसर मरीज़ पाए गए। वहीं पिछले पांच सालों में लगभग 5 लाख लोग कैंसर के कारण अपनी जान गंवा बैठे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्रमुख तीन प्रकार के कैंसर सर्वाधिक है। इसमें मुंह, बच्चेदानी और स्तन प्रमुख हैं। 

ये हैं कैंसर के कारण

तंबाकू के सेवन से, शराब और सिगरेट का सेवन करना, इन्फेक्शन, मोटापा, सूरज की अल्ट्रा वायलेट किरणों और खराब लाइफस्टाइल कैंसर की प्रमुख वजहें हैं। 

कैंसर के लक्षण

ऐसे तो लक्षण कैंसर के प्रकार पर निरभर करते हैं, लेकिन फिर भी ये कैंसर के लक्षण हो सकते हैं:

- अचानक वज़न कम होना

- लगातार बुख़ार आना

- हड्डियों में दर्द

- खांसी

- मुंह से खून आना 

- शरीर में किसी स्थान पर गांठ होना 

- महिलाओं में माहवारी का बार-बार अनियमित होना

- मुंह में छाले होना 

कैंसर की स्टेज

कैंसर की आमतौर पर चार मुख्य स्टेज होती हैं। पहली और दूसरी अवस्था में कैंसर का ट्यूमर छोटा होता है या कैंसर सीमित जगह पर होता है। यह टिश्यूज़ की गहराई में नहीं फैलता। तीसरे स्टेज में कैंसर विकसित हो जाता है और ट्यूमर का आकार भी बढ़ सकता है या फिर कई ट्यूमर हो सकते हैं। शरीर के अन्य अंगों में इसके फैलने की संभावना बढ़ जाती है। चौथी और आखिरी स्टेज में कैंसर अपने शुरुआती हिस्से से अन्य अंगों में फैल जाता है। जिसे मेटास्टेटिक कैंसर कहा जाता है। 

हौंसला बढ़ाने वाले कोट्स

-कैंसर मेरी सभी शारीरिक क्षमताओं को छीन सकता है, लेकिन यह मेरे मन, हृदय और आत्मा को नहीं छू सकता।

-माना मैं कैंसर से लड़ नहीं सकता हूं,

मेरे अपनों के सांत्वना पूर्ण शब्दों ने

मेरा हौसला बढ़ाया है।

और मैंने एक अजीब से सुकून

का एहसास पाया है।

-बीमारी नहीं महामारी है,

कैंसर दुनिया पर भारी है।

-पान-गुटखा और तंबाकू पहुंचाते सेहत को नुकसान, इनके सेवन से जा सकती है जान।

-कैंसर ने भले ही लड़ाई शुरू कर दी हो, लेकिन मैं इसे खत्म करूंगा।

-जहां डर है वहां कोई उम्मीद नहीं है और जहां उम्मीद है वहां डर के लिए कोई जगह नहीं है।

Edited By: Ruhee Parvez