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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

युवाओं में तेजी से बढ़ रहा अर्ली ऑनसेट अल्जाइमर्स का खतरा, डॉक्टर ने बताए बचाव के 5 तरीके

Published: Sat, 20 Sep 2025 04:25 PM (IST)

वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे (World Alzheimers Day 2025) हर साल 21 सितंबर को मनाया जाता है ताकि लोगों को इस बीमारी ...और पढ़ें

युवाओं में अल्जाइमर का खतरा कारण और बचाव के तरीके (Picture Credit- Freepik)
युवाओं में अल्जाइमर का खतरा कारण और बचाव के तरीके (Picture Credit- Freepik)

HighLights

  1. अल्जाइमर एक एक डिजनरेटिव ब्रेन डिसऑर्डर है, जिसमें मेमोरी लॉस होने लगती है।
  2. आमतौर पर यह बीमारी बुढ़ापे में होती है, लेकिन अब युवा भी इसकी चपेट में आने लगे हैं।
  3. इसे लेकर जागरूकता फैलाने के लिए हर साल वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे मनाया जाता है।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अल्जाइमर डिजीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी याद्दाश्त खोने लगता है। इससे पीड़ित व्यक्ति के लिए रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो जाता है और इसलिए लोगों को इसके लिए बारे में जागरूक करना जरूरी है। इसी मकसद से हर साल 21 सितंबर को वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे मनाया जाता है।

अल्जाइमर डिजीज आमतौर पर बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारी मानी जाती है, लेकिन इन दिनों यह बीमारी कम उम्र में ही लोगों को अपना शिकार बना रही है। बीते दिनों सिनेमाघरों में आई फिल्म सैयारा में भी इस बीमारी के बारे में बताया गया था। फिल्म में हिरोइन कम उम्र में ही अल्जाइमर डिजीज का शिकार हो जाती है, जिसे अर्ली ऑनसेट अल्जाइमर कहा जाता है।

कम उम्र में यह बीमारी होना काफी रेयर होता है और इसलिए आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे क्यों अर्ली ऑनसेट अल्जाइमर के मामले बढ़ रहे हैं और कैसे इसे मैनेज किया जा सकता है। आइए मैरिंगो एशिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो एंड स्पाइन, मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स गुरुग्राम के चेयरमैन डॉ प्रवीण गुप्ता से जानते हैं इसके बारे में सबकुछ विस्तार से-

क्यों बढ़ रहा युवाओं में अल्जाइमर?

डॉक्टर बताते हैं कि युवाओं में अल्जाइमर डिजीज का खतरा बढ़ रहा है, क्योंकि जीवनशैली में बदलाव के कारण तनाव बढ़ रहा है या एपिजेनेटिक्स में बदलाव के कारण यह प्रवृत्ति बढ़ रही है। इसके अलावा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, सिर की चोटें जैसे लाइफस्टाइल से जुड़े रिस्क फैक्टर्स भी बढ़ रहे हैं।

इसी तरह स्ट्रेस और नींद की कमी भी बढ़ रही है, जो लंबे समय तक मेंटल स्ट्रेस और मानसिक अस्वस्थता से जुड़ा है, जिससे ब्रेन हेल्थ कमजोर होता है। साथ ही धूम्रपान, शराब, अनहेल्दी डाइट और एक्सरसाइज की कमी जैसी लाइफस्टाइल की आदतें ब्रेन की सेहत के लिए हानिकारक हैं।

बचाव के लिए अपनाएं ये तरीके

  • इस बीमारी को रोक पाना मुश्किल है, लेकिन इससे बचाव करना मुमकिन है। इसलिए आप इस बीमारी से बचाव के लिए पांच जरूरी बातों का ध्यान रख सकते हैं-
  • रोजाना व्यायाम करें और कम से कम 30 मिनट टहलें
  • संतुलित डाइट लें, जिसमें भरपूर मात्रा में बी विटामिन, फल, सब्जियां, मेवे, बेरीज हों। हाई कोलेस्ट्रॉल वाली डाइट से बचें। नमक और चीनी कम करें।
  • तीसरा और सबसे जरूरी है पर्याप्त नींद लें। नींद का हमारी सेहत पर सीधा असर पड़ता है। इसलिए अपनी नींद जरूर पूरी करें।
  • ब्रेन को बूस्ट करने वाली एक्टिविटीज पर फोकस करें। इससे दिमाग शांत होगा और मेमोरी भी तेज होगी।
  • सोशल मीडिया पर रील्स को बिना सोचे-समझे स्क्रॉल करने के बजाय असल रिश्तों पर फोकस करें और लाइफस्टाइल से जुड़े रिस्क फैक्टर्स, धूम्रपान, शराब पर कंट्रोल करना और डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण रखना।

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