PCOS से पीड़ित महिलाओं को नहीं खानी ये 5 चीजें, वरना दवाओं से भी कंट्रोल नहीं होगा पीसीओएस
पीसीओएस एस ऐसी कंडिशन है जो हार्मोनल असंतुलन के कारण होती है। इस कंडिशन से कई महिलाएं पीड़ित हैं। इसमें वजन बढ़ने अनियमित पीरियड्स जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। पीसीओएस को मैनेज करने के लिए डाइट (PCOS Diet) का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस आर्टिकल में हम कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जिनसे पीसीओएस के मरीजों को परहेज करना चाहिए।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। PCOS Diet: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं में होने वाली एक आम हार्मोनल समस्या है, जो उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है।
इस कंडिशन में महिलाओं की ओवरीज में छोटे सिस्ट बन जाते हैं, जिससे पीरियड्स अनियमित हो जाता है, वजन बढ़ता है, और त्वचा संबंधी समस्याएं जैसे मुंहासे और बालों का झड़ना शुरू हो जाता है (PCOS Symptoms)।
पीसीओएस का सही मैनेजमेंट करने के लिए दवाओं के साथ-साथ डाइट (PCOS Diet Tips) पर खास ध्यान देना भी जरूरी है। कुछ फूड आइटम्स ऐसे होते हैं, जो पीसीओएस के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं कि पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं को किन 5 चीजों से परहेज (Foods To Avoid In PCOS) करना चाहिए।
शुगर और मीठी चीजें
पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं को शक्कर और मीठे फूड आइटम्स से दूर रहना चाहिए। ज्यादा मीठा खाने से इंसुलिन का लेवल बढ़ता है, जो पीसीओएस के लक्षणों को और गंभीर बना सकता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस पीसीओएस की एक अहम समस्या है, जिसके कारण शरीर में ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित हो जाता है। इसलिए, केक, पेस्ट्री, सोडा, और अन्य मीठी चीजों से बचना चाहिए। नेचुरल मिठास वाले फलों को सीमित मात्रा में खाया जा सकता है।
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रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट जैसे मैदा, सफेद चावल, और सफेद ब्रेड पीसीओएस के लिए हानिकारक हो सकते हैं। ये फूड आइटम्स शरीर में तेजी से ग्लूकोज का लेवल बढ़ाते हैं, जिससे इंसुलिन का लेवल भी बढ़ जाता है। इसके बजाय, साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस, और क्विनोआ खाना चाहिए, जो धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखते हैं।
प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड
प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड में नमक, शुगर, और अनहेल्दी फैट्स की मात्रा ज्यादा होती है। ये फूड आइटम्स शरीर में सूजन को बढ़ा सकते हैं और हार्मोनल असंतुलन को और खराब कर सकते हैं। पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं को चिप्स, नमकीन, इंस्टेंट नूडल्स, और अन्य प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए। इसके बजाय, ताजे और ऑर्गेनिक फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
ट्रांस फैट और अनहेल्दी फैट्स
ट्रांस फैट और अनहेल्दी फैट्स वाले फूड जैसे तले हुए खाने, फास्ट फूड, और मार्जरीन पीसीओएस के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ये फूड आइटम्स शरीर में सूजन को बढ़ाते हैं और इंसुलिन रेजिस्टेंस को और खराब कर सकते हैं। इसके बजाय, हेल्दी फैट्स जैसे ऑलिव ऑयल, एवोकाडो, और नट्स खाने चाहिए, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं।
कैफीन और अल्कोहल
ज्यादा मात्रा में कैफीन और अल्कोहल पीना पीसीओएस के लक्षणों को बढ़ा सकता है। कैफीन शरीर में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) के लेवल को बढ़ाता है, जो हार्मोनल असंतुलन को और बढ़ा सकता है। वहीं, अल्कोहल लिवर के फंक्शन को प्रभावित करता है और हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है। इसलिए, पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं को कॉफी व चाय सीमित मात्रा में पीने चाहिए और शराब से पूरी तरह से परहेज करना चाहिए।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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