भारत में क्यों बढ़ रहे हैं स्तन कैंसर के मामले? महिलाओं को जरूर पता होने चाहिए ये संकेत
स्तन कैंसर बीते दो दशकों में दो गुनी तेज गति से फैल रहा है। इस स्वास्थ्य संकट पर महिलाएं स्वयं ...और पढ़ें

भारत में स्तन कैंसर के बढ़ते मामले: कारण, लक्षण और बचाव के उपाय (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
भारत में स्तन कैंसर के मामले बीते 20 वर्षों में दोगुने हुए
प्रदूषण, उम्र, बदलती जीवनशैली स्तन कैंसर के प्रमुख कारण
स्व-जांच, मैमोग्राफी और स्वस्थ जीवनशैली से बचाव संभव
सीमा झा, नई दिल्ली। हर तरह के कैंसर के लिए जागरूकता जरूरी है लेकिन स्तन कैंसर की जागरूकता की बात इसलिए भी अधिक की जाती है क्योंकि यह भारत में निरंतर बढ़ रहा है। बीते बीस वर्षों में यह दोगुने से अधिक हो गया है। एक समय था जब स्तन कैंसर से जुड़ी सर्जरी हफ्ते में एक करते थे अब यह चार से पांच करते हैं। स्तन कैंसर फैलने के कई कारण हैं। जैसे, प्रदूषण जो कि शहरी इलाकों में कैंसर का बड़ा कारण बनकर उभरा है। इसके बाद उम्र जितनी अधिक होगी कैंसर का जोखिम भी बढ़ता है।
डॉ. रमेश सरीन, (सीनियर कंसल्टेंट, सर्जिकल आन्कोलाजी, इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, नई दिल्ली) कहते हैं कि हमें पता होना चाहिए कि भारत में बुजुर्गों की जनसंख्या भी बढ़ रही है। इसके अलावा, शहरीकरण के कारण जीवनशैली बदल रही है जो कैंसर फैलने में बड़ा योगदान कर रहा है। जीवनशैली की बात करते हैं तो इसमें रहन-सहन खानपान सभी तरह के कारक शामिल होते हैं। खानपान अच्छा होने से लड़कियों को मासिक धर्म जल्दी हो रहा है। बच्चे कम हो रहे हैं। स्तनपान नहीं कराए जाते। यह भी ध्यान रहे कि जितना देर तक पीरियड की अवधि रहती है जोखिम अधिक रहता है। खानपान, तनाव, धूमपान, अल्कोहल का सेवन महिलाओं में तेजी से बढ़ा है। मोटापा के खतरे कम नहीं हो रहे। ये कुछ ऐसे बदलाव हैं जो स्तन कैंसर को बढ़ाने में योगदान करते हैं।
डरें नहीं, मुकाबला करें
कैंसर किसी को भी हो सकता है। जितना जल्दी आप यह समझ जाएंगी निदान के प्रति जागरूक रहेंगी। दूसरे इस कैंसर के कुछ लक्षण होते हैं जिनकी पहचान की जा सकती है। यह स्तन कैंसर का एक अच्छा पहलू है कि इसके लक्षण होते हैं। दूसरे कैंसर में तो लक्षण नजर नहीं आते। बेहतर होगा आप स्वयं अपने स्तन की जांच करें। जैसे, आइने के सामने खड़े होकर अपने दोनों स्तन को देखें कि कहीं उसकी त्वचा या आकार में बदलाव तो नहीं या कहीं कोई गांठ या उभार तो नहीं दिख रहा?
यह एक जरूरी पहल है जिसकी मदद से आप अपना बचाव स्वयं कर सकती हैं। ध्यान रहे कि स्तन कैंसर से बचाव में स्व-जागरूकता एक बहुत बड़ा हथियार है। घर पर कोई तैयार हो न हो आप स्वयं पहल करें कि साल में कम से कम एक बार मेमोग्राफी करा लें। जोखिम नहीं है तब भी आपको दो साल में एक बार जरूर यह करा लेनी चाहिए। क्या होगा यदि कुछ निकल गया? इस आशंका या डर से बचकर ही आप स्तन कैंसर से बचाव की तरफ कदम बढ़ा सकती हैं।
इन लक्षणों को न करें अनदेखा
- स्तन में या बगल में गांठ, आकार,रंग में बदलाव।
- निप्पल सिकुड़ जाए और वे अंदर की ओर हो जाएं।
- स्तन से कोई द्रव या रक्त निकल रहा हो आदि।
जीवनशैली में बदलाव
- वजन को संतुलित रखने का प्रयास करें ताकि हार्मोन में असंतुलन न हो व कैंसर के जोखिम से बचाव हो।
- शारीरिक सक्रियता, सुबह जागिंग, ब्रिस्क वाक आदि को नियमित दिनचर्या में शामिल करें।
- नियमित आहार में एंटीऑक्सीडेंट जैसे, पालक, गाजर, संतरा, नींबू, आंवला, नटस, मोटे अनाज दालें आदि शामिल करें।
