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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Congenital Heart Disease: जानलेवा तक साबित हो सकती है जन्मजात होने वाली ये बीमारी, जानें इसके कारण और लक्षण

By Harshita SaxenaEdited By: Harshita Saxena
Published: Sun, 08 Jan 2023 02:23 PM (GMT+05:30)

दिल हमारे शरीर का एक जरूरी हिस्सा होता है। सेहतमंद रहने के लिए हार्ट का स्वस्थ रहना भी काफी जरूरी ...और पढ़ें

क्या है कॉन्‍जेनिटल हार्ट डिजीज- जानें इसके लक्षण और कारण
क्या है कॉन्‍जेनिटल हार्ट डिजीज- जानें इसके लक्षण और कारण

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Congenital Heart Disease: खराब जीवनशैली की वजह से तो इन दिनों की तरह की समस्याएं लगातार लोगों को अपनी चपेट में लेती जा रही हैं। लेकिन कुछ बीमारियां या समस्याएं ऐसी भी होती हैं, जो बचपन से जन्म से ही हमें जकड़ लेती हैं। कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज ऐसी ही एक समस्या है, जो जन्म के साथ ही बच्चे को हो जाती है। दिल हमारे शरीर का एक जरूरी अंग होता है। ऐसे में जन्म के साथ ही दिल से जुड़ी इस बीमारी के होने का मतलब है कि बच्चा जन्म से कई दिल से जुड़ी कई समस्याओं का शिकार है। आसाना भाषा में समझें तो जन्म के दौरान जब बच्चे का दिल सामान्य से अलग होता है, तो उसे कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज कहा जाता है। हालांकि, इस बीमारी के लक्षण सामान्य तौर पर बड़े होने पर ही दिखाई देते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके कारण, लक्षण और बचाव के बारे में-

कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज क्या है

किसी भी बच्चे के जन्म के समय उसके हार्ट में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी होने पर इस स्थिति को कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज कहा जाता है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चे के दिल की बाहरी परत यानी दीवार, हार्ट वाल्व और ब्लड वैसल्स ज्यादा प्रभावित होते हैं। इस बीमारी की वजह से शरीर में रक्त प्रवाह सही तरीके से नहीं हो पाता है, जिसकी वजह से दिल में ब्लॉकेज की समस्या भी होने लगती है। कई गंभीर मामलों में तो इस बीमारी से पीड़ित बच्चे की जान तक चली जाती है। ऐसे में सही समय पर इस बीमारी पहचान कर उचित इलाज से इससे बचा जा सकता है।

कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज के कारण

कई कारणों के चलते कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज जैसी समस्या हो सकती है। खासतौर पर दिल के विकास के दौरान हार्ट से जुड़ी किसी समस्या की वजह से यह बीमारी हो सकती है। इसके अलावा अन्य कई कारणों से भी जन्म के समय यह बीमारी हो सकती है। इसके प्रमुख कारणों में से कुछ निम्न हैं-

  • हार्ट डिजीज से जुड़ी कोई फेलिमी हिस्‍ट्री
  • गर्भावस्था के दौरान कुछ दवाओं की वजह से भी यह बीमार हो सकती है।
  • प्रेग्नेंसी के समय शराब या ड्रग्‍स आदि का सेवन
  • गर्भावस्था के दौरान वायरल संंक्रमण हो जाना
  • शरीर में ब्लड शुगर लेवल का अधिक होना

कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज के लक्षण

आमतौर पर प्रेग्नेंसी के दौरान ही अल्‍ट्रासाउंड के जरिए कॉन्‍जेनिटल हार्ट डिजीज के बारे में पता लगाया जा सकता है। लेकिन कुछ अन्य लक्षण या संकेत भी हैं, जिससे आप इस बीमारी का पता लगा सकते हैं।

  • दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना।
  • तेजी से सांस लेना
  • त्वचा का रंग नीला हो जाना
  • सांस फूलना या सांस लेने में परेशानी
  • दूध पीते समय बच्चे को थकान या सांस तेज होना।
  • शरीर के अंगों में सूजन
  • चक्‍कर आना
  • बच्‍चे के वजन में कमी होना

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Picture Courtesy: Freepik