क्या बॉडी बिल्डिंग बना जो लिंडनर की मौत की वजह? एक्सपर्ट से जानें एन्यूरिज्म और स्टेरॉयड्स में क्या है कनेक्शन
मशहूर जर्मन बॉडीबिल्डर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जो लिंडनर ने बीते हफ्ते दुनिया को अलविदा कह दिया। 30 साल की उम्र में जो ने एन्यूरिज्म के कारण अपनी जान गंवा दी। ऐसे में एन्यूरिज्म और जो की मौत के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने एक्सपर्ट ने बात कर यह जानने की कोशिश की कि आखिर एन्यूरिज्म और स्टेरॉयड्स में क्या कनेक्शन है।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Aneurysm: बीते हफ्ते मशहूर बॉडी बिल्डर जर्मन बॉडीबिल्डर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जो लिंडनर का निधन हो गया। जो ने 30 साल की छोटी सी उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया। उनकी मौत के बारे में उनकी गर्लफ्रेंड बताया कि लिंडनर का निधन एन्यूरिज्म के कारण हुआ। इससे पहले खुद जो लिंडनर ने इस बात का खुलासा किया था कि उन्हें रिपलिंग मसल्स डिजीज (आरएमडी) के पीड़ित होने का पता चला है।
ऐसे में इन लोगों में बीमारियों के बारे में जानने के लिए हमने गुरुग्राम के आर्टेमिस अस्पताल में न्यूरोइंटरवेंशनल सर्जरी के प्रमुख और स्ट्रोक यूनिट के सह-प्रमुख डॉ. विपुल गुप्ता से बात की। इस दौरान हमने यह जानने की भी कोशिश की, कि क्या ज्यादा स्टेरॉयड्स की वजह से जो लिंडनर को अपनी जान गंवानी पड़ी-
एन्यूरिज्म क्या है?
एन्यूरिज्म एक गंभीर स्थिति है, जिसमें ब्लड वेसल्स की दीवार, एक तरह की आर्टरी में असामान्य उभार या सूजन आ जाती है। ऐसा तब होता है, जब वेसल्स का कमजोर क्षेत्र सूज जाता है और संभावित रूप से फट भी सकता है। इसकी वजह से सीवियर ब्लीडिंग और जानलेवा स्थितियां भी बन जाती हैं। एन्यूरिज्म एक इमरजेंसी मेडिकल कंडीशन है, जिसका तुरंत इलाज किया जाना चाहिए। इसकी वजह से इंटरनल ब्लीडिंग, स्ट्रोक, ऑर्गन डैमेज और मौत तक हो सकती है।
क्या अधिक स्टेरॉयड एन्यूरिज्म का कारण बनते हैं?
एन्यूरिज्म और एनाबॉलिक स्टेरॉयड के बीच कोई भी सीधा संबंध नहीं है। एनाबॉलिक स्टेरॉयड का ज्यादा इस्तेमाल एन्यूरिज्म की वजह बनता है, जिसे लेकर भी कोई पुख्त सबूत नहीं हैं। दरअसल, जिम स्टेरॉयड और एन्यूरिज्म के बीच संबंध के बारे में ज्यादा वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। एनाबॉलिक स्टेरॉयड का इस्तेमाल आमतौर पर एथलेटिक या बॉडीबिल्डिंग प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।
रिपलिंग मसल्स डिजीज और एन्यूरिज्म में क्या अंतर है?
रिपलिंग मसल्स डिजीज (आरएमडी) एक असामान्य न्यूरोमस्कुलर बीमारी हैं, जिसमें मांसपेशियों में ऐंठन और प्रभावित मांसपेशियों में तरंगित गतिशीलता महसूस होती है। आरएमडी का मूल कारण वह जेनेटिक बदलाव है, जिसकी वजह से मसल सेल मैमब्रेन में प्रोटीन प्रभावित होता है। वहीं, दूसरी ओर एन्यूरिज्म ब्लड वेसल्स की दीवार में होने वाला असामान्य उभार या सूजन है। इस बीमारी में वेसल्स का कमजोर क्षेत्र सूज जाता है, जो संभावित रूप से फट भी सकता है, जिससे गंभीर जोखिम पैदा होता है।
एन्यूरिज्म और रिपलिंग मसल डिजीज किसी भी तरह से संबंधित नहीं हैं और इनका कोई सीधा संबंध नहीं है। आरएमडी मांसपेशियों को प्रभावित करता है, जबकि एन्यूरिज्म सर्कुलेटरी सिस्टम (संचार प्रणाली) को नुकसान पहुंचाता है। ये दोनों अलग-अलग चिकित्सीय बीमारियां हैं, जो शरीर की कई प्रणालियों पर प्रभाव डालती हैं।
इस बीमारी का बॉडीबिल्डिंग या जिम से क्या कनेक्शन है?
जिम में कसरत करने या बॉडीबिल्डिंग करने से आरएमडी नहीं होता है।
व्यायाम या शारीरिक गतिविधि का इस आनुवंशिक रोग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। ऐसे में यह कहना गलत है कि बॉडीबिल्डिंग और जिम करने का आरएमडी से कोई भी संबंध है। व्यायाम और जीवनशैली इस बीमारी को प्रभावित नहीं करते हैं। यह बीमारी मुख्य रूप से कुछ वंशानुगत कारकों से प्रभावित होती है।
एन्यूरिज्म के लक्षण
- लीकिंग एन्यूरिज्म के लक्षण- गंभीर सिरदर्द (सबसे खराब अनुभव जो आप अनुभव कर सकते हैं), मतली और उल्टी, दौरे, चक्कर आना, धुंधलापन या डबल विजन
- सामान्य अनियंत्रित एन्यूरिज्म के लक्षण- आंख के चारों ओर दर्द, चेहरे के एक तरफ सुन्न पड़ जाना और पुतली का फैल जाना।
एन्यूरिज्म के कारण
रक्त वाहिकाओं यानी ब्लड वेसल्स की दीवारों का कमजोर होना कई कारकों के कारण होता है। एन्यूरिज्म के खतरे को बढ़ाने वाले कुछ कारक धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, उम्र और सिर में चोट लगना है।
एन्यूरिज्म से बचने के उपाय
हालांकि एन्यूरिज्म को पूरी तरह से रोकना हमेशा संभव नहीं होता है, लेकिन जीवनशैली में कुछ बदलाव कर इसके जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। एन्यूरिज्म से बचाव के लिए निम्न तरीके अपनाए जा सकते हैं-
- ब्लड प्रेशर मैनेज करें
- धूम्रपान से बचें
- स्वस्थ आहार का सेवन करें
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
- नियमित व्यायाम करें
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।