रेबीज संक्रमित गाय का दूध पी लिया तो क्या होगा? इस जानलेवा वायरस को लेकर दूर कर लें अपनी कन्फ्यूजन
हाल ही में बीमार गाय के दूध से चरणामृत पीने के बाद रेबीज टीके लगवाने की खबर खूब वायरल हो रही है।

गाय के दूध से बने डेयरी प्रोडक्ट्स से रेबीज फैलने से जुड़ी जानकारी (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से एक खबर इंटरनेट खूब वायरल हो रही है कि एक बीमार गाय के दूध से बने चरणामृत को पीकर डर के मारे जरीब 450 लोग रेबीज का टीका लगवाने पहुंचे। इसके बाद मन में एक सवाल आना लाजमी है कि अगर किसी गाय को कुत्ता काट लेता है, तो क्या उसके दूध को पीने से रेबीज फैल सकता है? आइए इसका जवाब जानते हैं।
रेबीज क्या है और यह कैसे फैलता है?
रेबीज एक गंभीर और जानलेवा 'लाइसेविरास' नामक वायरस है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। यह वायरस लार के माध्यम से सबसे आसानी से शरीर में प्रवेश करता है। बता दें कि भारत में आवारा कुत्तों के काटने से इसके मामले सबसे ज्यादा देखे जाते हैं, जबकि यह बंदर, बिल्ली, नेवला और लोमड़ी जैसे जानवर भी रेबीज संक्रमित हो सकते हैं।
क्या गाय के दूध से बने डेयरी प्रोडक्ट्स से रेबीज फैल सकता है?
इसे लेकर भारत सरकार का नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम कहता है कि ऐसे कहीं सबूत नहीं मिलते, जिससे यह साबित किया जा सके कि गाय के दूध से भी रेबीज फैल सकता है। इसके अलावा, कोई वैज्ञानिक प्रमाण भी यह नहीं कहते कि दूध या उससे बनी चीजों से भी रेबीज का खतरा रहता है।
ऐसे में अगर किसी गाय को रेबीज का इन्फेक्शन है, तो ऐसे मामलों में दूध का सेवन करने पर रेबीज का टीका लगवाने की जरूरत नहीं होती। पर इसका मतलब यह भी नहीं कि रेबीज से संक्रमित पशुओं का दूध सेवन के लिए पूरी तरह सुरक्षित है, इससे परहेज करने में ही समझदारी है।
WHO का क्या मानना है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि रेबीज संक्रमित पशु से आने वाले डेयरी उत्पाद से इसके फैलने के प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन सुरक्षा और सावधानी बरतते हुए इनका सेवन न किए जाने की ही सलाह दी जाती है।
दूध उबालने या दही जमाने से रेबीज खत्म हो सकता है?
वहीं, यह जान लेना भी जरूरी है कि रेबीज के वायरस को दूध उबालने से निष्क्रिय किया जा सकता है, क्योंकि यह वायरस ज्यादा तापमान या गर्मी को लेकर बहुत संवेदनशील होता है। इस तरह दूध को ठीक से उबालना भी रेबीज के खतरे को टाल सकता है।
बात करें दही जमाने की, तो दही या पनीर को फर्मेंटेशन के प्रोसेस से बनाया जाता है, जिसमें गुड बैक्टीरिया की अच्छी खासी मात्रा होती है। पर यह तरीका गर्म करने वाले प्रोसेस के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
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