COVID-19: कोरोना होने पर क्यों चली जाती है स्वाद और सूंघने की क्षमता, ताजा स्टडी में हुआ खुलासा
कोविड-19 के संक्रमण में बुखार और सर्दी जुकाम के साथ सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता का जाना प्रमुख लक्षणों में शामिल है। लेकिन क्या इसका प्रभाव हमारे सेंसरी न्यूरॉन्स पर पड़ता है इसका साफ जवाब हमारे पास नहीं था। हालांकि हाल ही में हुई एक स्टडी में इस बारे में कुछ जानकारी हासिल हुई है। इसका जवाब जानिए इस आर्टिकल में

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। COVID-19: 2020 में कोविड-19 आया और उसने हम सभी को अपने अपने घरों में बंद होने पर मजबूर कर दिया। हमारे स्वास्थ्य से लेकर जीवनशैली तक सब बदल गया। तब से अभी तक कोविड-19 के कई नए वेरिएंट सामने आए, जिसके कारण लोगों में कोविड का डर अभी भी बरकरार है, क्योंकि इसका संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है। हालांकि, हर वेरिएंट में कुछ लक्षण समान रहे हैं जैसे कि बुखार, सर्दी- जुकाम, बदन दर्द, सर दर्द, गले में खराश, स्वाद और सूंघने की क्षमता का जाना, थकावट आदि शामिल हैं।
कोरोना में क्यों जाती सूंघने और स्वाद की क्षमता
कोविड-19 के संक्रमण के दौरान बुखार और सर्दी-जुकाम के साथ सूंघने की क्षमता और स्वाद खो जाना सबसे शुरुआती लक्षण में शामिल थे। हालांकि, ऐसा क्यों होता है इसकी कोई साफ जानकारी नहीं थी। लेकिल हाल ही में व्हाइटहेड इंस्टीट्यूट फॉर बॉयोमेडिकल रिसर्च ( Whitehead Institute for Biomedical Research) की एक शोध में इस सवाल का जवाब मिल गया है। हमारी सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता पेरीफेरल नर्वस सिस्टम में मौजूद सेंसरी न्यूरॉन्स पर निर्भर करते हैं। पहले ऐसा माना जा रहा था कि कोविड-19 वायरस सेंसरी न्यूरॉनस को नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन हाल में हुई स्टडी में पाया गया है कि SARS CoV-2 वायरस हमारे सेंसरी न्यूरॉनस को हानि पहुंचा सकता है।
क्या पाया गया रिसर्च में
इस रिसर्च में खास फोकस पेरीफरल नर्वस सिस्टम पर किया गया है, जो सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसमें पाया गया कि SARS-CoV-2 वायरस हमारे सेंसरी न्यूरॉनस को इन्फेक्ट कर इसका जीन स्ट्रक्चर बदल देता है। रिसर्चस में पाया गया कि हमारे सेंसरी न्यूरॉनस में ACE2 प्रोटीन पाया जाता है, जिसके जरिए SARS-CoV-2 सेल में प्रवेश करता है। इसके अलावा सेंसरी न्यूरॉन को तीन अलग-अलग प्रकार के कोविड वायरस SARS-CoV-2, WA1/2020 और ऑमीक्रोन के साथ टेस्ट किया गया, जिसमें पाया गया कि SARS CoV-2 की तुलना में ऑमिक्रोन वायरस का इंफेक्शन रेट कम है।
Author: Swati Sharma
Picture Courtesy: Freepik
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