Tomato Flu Prevention: पौष्टिक आहार और स्वच्छता बचाएगी टोमैटो फीवर से, पढ़े एक्सपर्ट की राय
Tomato Flu Prevention लखनऊ केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सूर्यकान्त ने बताया कि वायरस से फैलने वाला टोमैटो फीवर एक तरह का फ्लू है। इससे पांच साल से कम उम्र के बच्चे अधिक ग्रसित हो रहे हैं।

लखनऊ, जेएनएन। Tomato Flu Prevention कोरोना व मंकीपाक्स का संक्रमण अभी थमा नहीं और अब टोमैटो फीवर के मामले देश के कुछ राज्यों में देखने को मिल रहे हैं। इन दिनों इस बीमारी की चर्चा जोरों पर है, लेकिन यह जानना बहुत जरूरी है कि यह जानलेवा नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, टोमैटो फीवर या टोमैटो फ्लू से पांच साल से कम आयु के बच्चे अधिक संक्रमित हो रहे हैं। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
वायरसजनित संक्रमण
टोमैटो फीवर एक वायरसजनित संक्रमण है, जिसमें संक्रमित के मुंह, हाथ और पैरों पर टमाटर की तरह लाल रंग के फफोले पड़ते हैं। इसलिए इसे टोमैटो फीवर या टोमैटो फ्लू कहा जाता है। जब संक्रमित मरीज के संपर्क में कोई दूसरा आता है तो वह भी इसकी चपेट में आ जाता है यानी इसके संक्रमण का प्रसार एक दूसरे के संपर्क में आने से ही होता है। पौष्टिक आहार का सेवन, स्वच्छता और संक्रमित से दूरी बनाकर इससे बचा जा सकता है। देश के कुछ राज्यों में जिस तरह से इसके मामले देखने को मिल रहे हैं, उससे संभव है कि भविष्य में इसका संक्रमण प्रसार ले सकता है। हालांकि सरकार की ओर से इसके नियंत्रण की तैयारी पूरी है, लेकिन आम लोगों को चाहिए कि वे इसे लेकर घबराएं नहीं, बल्कि इससे बचने के सभी उपाय अपनाएं।
चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें
लैंसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन के एक आलेख के अनुसार, इसका पहला केस छह मई को केरल में मिला था। इस बीमारी को हैंड फुट एंड माउथ डिजीज के नाम से भी जाना जाता है। हाल ही में लखनऊ में 12 बच्चों में टोमैटो फ्लू जैसे ही लक्षण देखे गए थे। इन बच्चों के हाथ, पैर और मुंह के साथ पूरे शरीर में लाल चकत्ते थे और इन्हें बुखार, थकान और बदन दर्द की भी परेशानी थी। हालांकि इन बच्चों की कोई विशेष जांच नहीं हुई और एक सप्ताह तक फ्लू की दवाओं के सेवन से ये स्वस्थ भी हो गए। इसलिए कोई बच्चा इसकी चपेट में आता है तो देखभाल कर रहे माता-पिता स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और चिकित्सकीय परामर्श लें, जिससे इसका प्रसार न होने पाए। इसे लेकर डरने की जरूरत इसलिए नहीं है क्योंकि एक सप्ताह में इसका संक्रमण पूरी तरह समाप्त हो जाता है।
मजबूत हो रोग प्रतिरोधक क्षमता
मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता हर संक्रमण से बचाती है। बारिश का मौसम तरह-तरह की बीमारियों वाला होता है। इसलिए पौष्टिक आहार लें, बासी खाने से बचें। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। बच्चों की साफ-सफाई को लेकर गंभीर रहें और संक्रमित से थोड़ा दूरी बनाकर रखें।
[लखनऊ केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सूर्यकान्त]
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