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Schizophrenia: क्या आपकी बिल्ली बन सकती है सिजोफ्रेनिया की वजह, जानें क्या पाया गया स्टडी में

हाल ही में आई एक स्टडी में पाया गया है कि जिन लोगों के पास पेट कैट होती है उनमें सिजोफ्रेनिया का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। यह टोक्सोप्लाज्मा गोंडी नाम के पैरासाइट के संक्रमण की वजह से हो सकता है। इसलिए सिजोफ्रेनिया क्या है और इसके लक्षणों के बारे में पता कर इसका इलाज करवाना जरूरी है। जानें क्या है सिजोफ्रेनिया और इसके लक्षण।

By Swati SharmaEdited By: Swati SharmaPublished: Sat, 16 Dec 2023 12:01 PM (IST)Updated: Sat, 16 Dec 2023 12:01 PM (IST)
क्या बिल्लियों की वजह से बढ़ सकता है सिजोफ्रेनिया का खतरा?

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Schizophrenia: हाल ही में हुई एक रिसर्च के मुताबिक, जिन लोगों के पास पेट कैट होती है, उनमें सिजोफ्रेनिया का खतरा बढ़ जाता है। इस रिसर्च के लिए पिछले 44 साल में हुई 17 स्चडीज का विश्लेषण किया गया। इसमें कुल 11 देशों का डाटा शामिल किया गया था और पाया गया कि जिन लोगों के पास बिल्ली होती है, उनमें सिजोफ्रेनिया का जोखिम दोगुना हो जाता है।

इसका कारण एक पुरानी खोज की मदद से समझा जा सकता है, जिसमें इसका कारण टोक्सोप्लाज्मा गोंडी नाम के एक पैरासाइट को पाया गया। यह ठीक से न पके मीट खाने या दूषित पानी पीने की वजह से भी हो सकता है। इसके अलावा, यह पैरासाइट बिल्ली के काटने, मल, लार आदि के जरिए, आपके शरीर में प्रवेश कर सकती है। बिल्लियों के जरिए, इस पैरासाइट से इन्फेक्ट होने की वजह से सिजोफ्रेनिया का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि अभी इस बारे में और अध्ययन की जरूरत है। लेकिन यह सिजोफ्रेनिया कौन-सी बीमारी है, जिससे कैट ओनर्स को इतना खतरा है? आइए जानते हैं, क्या है यह बीमारी और इसके लक्षण।

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क्या है सिजोफ्रेनिया?

क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, सिजोफ्रेनिया एक ऐसी कंडिशन है, जो व्यक्ति दिमाग को प्रभावित करता है। इसकी वजह से आपके विचार, याददाश्त और व्यवहार आदि को प्रभावित करता है। इसकी वजह से डिल्यूजन, हेलूशिनेशन और सोचने में तकलीफ होती है, जो व्यक्ति के रोज के जीवन को प्रभावित कर सकता है। इस वजह से, आपके शारीरिक और स्वास्थय पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है और व्यक्ति के सामाजिक रिश्तों को भी बिगाड़ सकता है। इस कंडिशन की वजह से व्यक्ति कई बार ऐसे व्यवहार करता है, जो उसके स्वयं के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

क्या हैं इसके लक्षण?

  • भ्रम होना (मनगढ़ंत चीजों पर भरोसा करना)
  • आवाजें सुनाई देना या चीजें दिखना, जो असल जीवन में नहीं हैं
  • बोलने में तकलीफ होना
  • हर समय डर लगना या घबराना
  • डिप्रेशन
  • एंग्जायटी
  • अकेले रहना पसंद करना
  • नशीले पदार्थों का इस्तेमाल
  • पर्सनल हाइजीन का ख्याल न रखना
  • धीरे मूव करना या अजीब मूवमेंट करना

सिजोफ्रेनिया अपने आप में एक घातक कंडिशन नहीं है, लेकिन इसके प्रभाव खतरनाक होते है, जो व्यक्ति के जीवन को संकट में डाल सकते हैं। इसलिए लक्षणों को नियंत्रित करना काफी जरूरी है। इसके लक्षणों के कंट्रोल न होने की वजह से व्यक्ति खुद को नुकसान पहुंचा सकता है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है।

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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Picture Courtesy: Freepik


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