नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। कोरोनाकाल में लोगों का रुझान आयुर्वेद में बढ़ गया है। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लोग गिलोए का बेहद इस्तेमाल कर रहे हैं। गिलोय का इस्तेमाल प्राचीन काल से ही दवाओं में किया जाता रहा है। गिलोए सेहत का खज़ाना है, इसमें गिलोइन नामक ग्लूकोसाइड और टीनोस्पोरिन, पामेरिन एवं टीनोस्पोरिक एसिड पाया जाता है। इसके अलावा गिलोय में कॉपर, आयरन, फॉस्फोरस, जिंक, कैल्शियम और मैगनीज भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं। गिलोय में बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं साथ ही इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और कैंसर रोधी गुण होते हैं। इन्हीं गुणों की वजह से यह बुखार, पीलिया, गठिया, डायबिटीज, कब्ज़, एसिडिटी, अपच, मूत्र संबंधी रोगों से आराम दिलाती है।

गिलोय के अत्याधिक फायदों को जानकर आपको लगता है कि इसके फायदे ही फायदे है। लेकिन अनगिनत फायदो वाले गिलोय का अत्याधिक इस्तेमाल आपको बीमार भी बना सकता है। इसके आपकी बॉडी पर साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि गिलोय के साइड इफेक्ट कौन-कौन से है।

ऑटो इम्यून रोगों का खतरा हो सकता है:

गिलोय के इस्तेमाल से इम्यूनिटी मजबूत होती है, इसके अत्याधिक इस्तेमाल से इम्यूनिटी के अधिक सक्रिय होने से ऑटो इम्यून बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। रुमेटाइड आर्थराइटिस से पीड़ित मरीज गिलोय से परहेज करें।

लो ब्लड प्रेशर करता है:

जिन लोगों को लो ब्लड प्रेशर की शिकायत है वो गिलोय के सेवन से परहेज करें। गिलोय ब्लड प्रेशर को कम करता है, जिससे मरीज की स्थिति बिगड़ सकती है।

सर्जरी से पहले गिलोय नुकसानदायक:

आप किसी भी तरह की सर्जरी कराने जा रहे हैं तो गिलोय का सेवन नहीं करें। सर्जरी से पहले गिलोय का सेवन जानलेवा हो सकता है।

प्रेग्नेंसी में गिलोय नुकसानदायक:

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी गिलोय से परहेज करना चाहिए। प्रेग्नेंसी के दौरान डॉक्टर की सलाह के बिना गिलोय का इस्तेमाल नहीं करें।

कब्ज कर सकता है अत्याधिक गिलोय:

अगर आप गिलोय का अत्याधिक इस्तेमाल करेंगे तो आपको कब्ज की शिकायत हो सकती है। इसलिए गिलोय का सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करें। 

                       Written By: Shahina Noor

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