Liquid Diet: लिक्विड डाइट पर थे क्रिकेटर शेन वॉर्न, जानें कितनी सुरक्षित होती है इस तरह की डाइट्स?
Liquid Diet कुछ दिन पहले क्रिकेट जगत के स्टार और दिग्गज खिलाड़ी शेन वॉर्न की मौत से पूरा खेल जगत सदमे में आ गया। वॉर्न सिर्फ 52 साल के थे। रिपोर्ट्स की मानें तो वे मौत से पहले 14 दिनों तक लिक्विड डाइट पर थे।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Liquid Diet: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न की मौत से दुनिया के लोगों को बड़ा झटका लगा। 52 साल के इस खिलाड़ी की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई, लेकिन उनकी समय से पहले मृत्यु के कुछ ही दिन बाद ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि वे 14 दिनों से एक्सट्रीम लिक्विड डाइट पर थे। जो हार्ट अटैक के पीछे का कारण भी हो सकती है।
शेन वॉर्न की लिक्विड डाइट
इस स्टार क्रिकेट आइकन को सोशल मीडिया पर फॉलो किया जाए, तो साफ तौर पर वे वज़न घटाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कुछ दिन पहले ही ट्वीट कर बताया था, "ऑपरेशन वज़न घटाना शुरू हो चुका है (10 दिन हो चुके हैं) और लक्ष्य यह है कि जुलाई तक कुछ साल पहले की इस तस्वीर जैसी शेप हासिल करनी है! तो शुरू किया जाए।"
एक इंटरव्यू में वॉर्न के मैनेजर जेम्स इर्सकिन ने बताया था कि वे अजीब तरह की इाइट्स पर रहते थे और हाल ही में एक डाइट पूरी की थी, जिसमें उन्होंने 14 दिनों तक सिर्फ तरल पदार्थ का सेवन ही किया था और उन्होंने इस डाइट का पालन तीन से चार बार किया था। या तो वे सफेद बन और मक्खन के बीच लज़ानिया लगाकर खा का रहे थे या फिर ब्लैक और ग्रीन जूस पी रहे थे।"
"उन्होंने अपनी ज़िंदगी का अच्छा खासा हिस्सा स्मोक करके बिताया, मुझे ज़्यादा नहीं पता, लेकिन लगता है कि यह सिर्फ एक बड़ा हार्ट अटैक था।" शेन वॉर्न के बेटे ने भी कहा कि उनके पिता अक्सर 30 दिन की टी-डाइट पर रहते थे।"
रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉर्न काफी खुश थे और मौत से कुछ समय पहले एक्सट्रीम डाइट पूरी करने के बाद उन्होंने वेजीमाइट टोस्ट खाया था।
लिक्विड डाइट से जुड़े जोखिम
हालांकि यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं मिले हैं कि वॉर्न के असामयिक निधन के पीछे का कारण उनकी डाइट थी। हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स इस तरह की एक्सट्रीम डाइट करने के खिलाफ चेतावनी देते हैं, जिस तरह की डाइट का क्रिकेटर ने पालन किया। हार्ट फ़ाउंडेशन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार, प्रोफेसर गैरी जेनिंग्स के अनुसार, कुछ स्थितियों में, कम कैलोरी वाला आहार हृदय को तनाव और प्रभावित कर सकता है।
वैसे तो, तरल आहार से आपको बुनियादी पोषक तत्व मिलने चाहिए। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी संभावना बहुत कम है। ऐसा माना जाता है कि कम कैलोरी वाली डाइट में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन और खनिजों का सही संतुलन नहीं होता है, इसलिए इसे हमेशा चिकित्सकीय मार्गदर्शन में ही लेना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं, मधुमेह से पीड़ित लोग, जो इंसुलिन पर हैं, और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को तरल आहार से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। किसी डाइट या खास आहार को शुरू करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।