नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Coronavirus LIfe Span: कोरोना वायरस को लेकर खतरा अब भी बरकरार है। देश दुनिया में इस वायरस से अब तक 11 हजार 5 सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस संक्रमण से 2 लाख से अधिक लोग संक्रमित पाए गए हैं। जबकि तकरीबन 92 हजार लोगों का सफल इलाज किया गया है। भारत में भी संक्रमित लोगों की संख्या में प्रतिदिन बढ़ोत्तरी हो रही है। देश में अब तक कुल 294 लोग संक्रमित पाए गए हैं। भारत सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' की घोषणा की है। इस दिन लोग सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक घर में रहेंगे।

संक्रमण फैलने की मुख्य वजह पीड़ित व्यक्ति से संपर्क है

विशेषज्ञ कोरोना वायरस के बारे में बताते हैं कि यह वायरस हवा में कुछ घंटे तक सक्रिय रहता है। वहीं, जमीन पर यह वायरस कुछ दिनों तक जीवित रहता है। एक ताज़ा रिसर्च में इसका खुलासा हुआ है कि कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने की मुख्य वजह पीड़ित व्यक्ति से संपर्क है। साथ ही जब पीड़ित व्यक्ति खांसता है, या छींकता है तो संक्रमण खतरा अधिक बढ़ जाता है।

यह वायरस हवा में 3 घंटे तक सक्रिय रहता है

एक शोध की रिपोर्ट New England Journal of Medicine में छपी है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि SARS-CoV-2 के परिवार से संबंध रखने वाले कोरोना वायरस कितने समय तक सरवाइव कर सकता है। यह  रिपोर्ट अमेरिका में वायरस से 100 लोगों की मौत के बाद आई हैं। इस शोध के अनुसार, जब कोई पीड़ित व्यक्ति खांसता है, या छींकता है तो यह वायरस हवा में फैल जाता है और तकरीबन 3 घंटे तक सक्रिय रहता है। वहीं, प्लास्टिक और स्टील की बर्तन पर तीन दिनों तक जीवित रह सकता है। जबकि गत्ते ( cardboard)पर यह एक दिन तक जीवित रहता है। कॉपर पर यह 4 घंटे तक सक्रिय रहता है।

इस शोध में आगे बताया गया है कि 46 मिनट के बाद हवा में मौजूद वायरस का 50 फीसदी काम करना बंद कर देता है। इसका मतलब यह है कि तकरीबन 45 मिनट में  50 फीसदी वायरस मर जाते हैं। वहीं, अगले 1 घंटे और 6 मिनटों में 75 फीसदी वायरस का असर खत्म हो जाता है। जबकि, 25 फीसदी वायरस सक्रिय रहता है।

खुद को आइसोलेट रखें

इस बारे में शोधकर्ता Neeltje van Doremalen ने कहा कि स्टील की बर्तन पर वायरस 5 घंटे 38 मिनट तक सक्रिय रहता है। इसके बाद कोरोना वायरस निष्क्रिय हो जाता है। जबकि प्लास्टिक पर वायरस 6 घंटे 49 मिनट तक सक्रिय रहता है। ऐसे में हम लोगों को सलाह देना चाहते हैं कि आप खुद को आइसोलेट रखें। इस शोध में  SARS-CoV-2 और SARS-CoV-1 में भी तुलना की गई। इसके परिणाम में बहुत बदलाव देखे गए। कोरोना वायरस के फैलने की मुख्य वजह संक्रमित लोगों के संपर्क में आना है। 

Posted By: Umanath Singh

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