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न काम में मन, न भविष्य की उम्मीद! 25-30 की उम्र में ही क्यों अंदर से खाली महसूस कर रही है आज की युवा पीढ़ी?

Published: Wed, 04 Nov 2026 09:55 AM (IST)

क्या आपको भी लगता है कि आज की युवा पीढ़ी पहले के मुकाबले ज्यादा तनाव और चिंता में जी रही है? अगर हां, तो आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं।

अनिश्चितता से युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर असर (Image Source: AI-Generated)

अनिश्चितता से युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर असर (Image Source: AI-Generated)

HighLights

  1. वैश्विक सर्वेक्षण में 92 देशों के 50,000 लोगों पर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर किया गया शोध

  2. राजनीतिक-आर्थिक अस्थिरता से डर, तनाव और थकान के रूप में लोगों को पहुंचा रहा काफी नुकसान

  3. युवाओं में तेजी से घट रही है मुश्किलों से लड़ने की ताकत, बजी खतरे की घंटी

प्रेट्र, नई दिल्ली। 92 देशों के 50,000 लोगों पर किए गए एक अध्ययन से पता चला कि मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा केवल भविष्य की अनिश्चितता से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसकी स्थिति "अभी और इसी समय" खराब हो सकती है। यह समस्या खासकर युवाओं में ज्यादा देखी जा रही है, जबकि पिछली पीढ़ियों के लोगों का मानसिक स्वास्थ्य अपेक्षाकृत बेहतर था।

"सोशल इंडिकेटर्स रिसर्च" जर्नल में प्रकाशित इस आनलाइन सर्वेक्षण से पता चला है कि वैश्विक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य स्कोर में गिरावट का मुख्य कारण युवा वर्ग की प्रतिक्रियाएं हैं। इन युवाओं में जीवन शक्ति, भावनात्मक स्थिरता और विपरीत परिस्थितियों से उबरने की क्षमता जैसे बुनियादी पहलुओं की कमी देखी गई है।

ये नतीजे खतरे

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ में स्वास्थ्य नीति और प्रबंधन के प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखक काई रुगेरी ने कहा, "ये नतीजे नीति-निर्माताओं के लिए सिर्फ इस बात का संकेत नहीं हैं कि युवाओं या आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए समाधान जरूरी हैं।" उन्होंने कहा, ये नतीजे खतरे की घंटी की तरह हैं जो बताती है कि पूरी आबादी पहले से ही संघर्ष कर रही है और महसूस कर रही है कि उनकी सहनशक्ति कम हो गई है।"

ठोस कदम उठाने की जरूरत

मुख्य लेखक ने बताया कि अब ठोस कदम उठाने की जरूरत है जैसे कि एआइ के कारण नौकरियों के नुकसान के बीच लोगों की आजीविका सुरक्षित करना, युवाओं और कामकाजी उम्र के लोगों में अत्यधिक मानसिक थकान पैदा करने वाले कारणों को दूर करना और ऐसे कदम उठाना जिनसे भविष्य के अवसरों को लेकर लोगों में आत्मविश्वास बढ़े। मानसिक स्वास्थ्य के जिन पहलुओं के अंक सबसे अधिक रहे, वे थे रिश्ते, जीवन का अर्थ, क्षमता, सहभागिता और आत्मसम्मान।

बाहर की घटनाओं से लोगों में डर

उन्होंने कहा कि लोग अपनी निजी परिस्थितियों और अनुभवों को आम तौर पर सकारात्मक मान सकते हैं, लेकिन उनके नियंत्रण से बाहर की घटनाएं जैसे राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता डर, तनाव और थकान के रूप में काफी नुकसान पहुंचा रही हैं। लेखकों ने लिखा कि …युवाओं के नतीजे खराब रहे और रोजगाररत लोगों के नतीजे मध्यम रहे। हमें बड़ी संख्या में सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य का स्तर काफी कम मिला।

लोगों से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े 10 सवाल पूछे गए

प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े 10 सवालों के जवाब दिए। इनमें खुद की क्षमता पर भरोसा, आशावाद, आत्मसम्मान, सकारात्मक भावनाएं, किसी काम में शामिल होना व जीवन-शक्ति समेत कई पहलुओं को शामिल किया गया। तनाव, अवसाद और चिंता जैसे आम मानसिक विकारों के साथ-साथ समग्र संतुष्टि के बारे में भी जानकारी जुटाई गई। शोधकर्ताओं ने उम्र, लिंग, आर्थिक स्थिति, रोजगार और अन्य पहलुओं से जुड़ी जनसांख्यिकीय जानकारी भी एकत्र की। रुगेरी ने कहा कि नेता अब ऐसी अस्पष्ट बातें कहकर काम नहीं चला सकते, जिनमें मानसिक स्वास्थ्य के लिए ठोस किए बिना बस ऊपरी तौर पर निवेश करने का जिक्र कर दिया जाता है।"

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