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अल्जाइमर मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण: दिमाग की ब्लॉक नसें होंगी ठीक, चूहों पर रिसर्च सफल

Published: Sun, 27 Sep 2026 07:41 AM (IST)

एक नए शोध में सामने आया कि अल्जाइमर से दिमाग को हुए नुकसान को ठीक किया जा सकता है, जो पहले असंभव था।

न्यूरोवैस्कुलर शोध में नए मैकेनिज्म की पहचान (Image Source: AI Generated)

न्यूरोवैस्कुलर शोध में नए मैकेनिज्म की पहचान (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अभी तक अल्जाइमर के बारे में कहा जाता रहा है कि इसके असर को पूरी तरह से खत्म करना लगभग नामुमकिन है। लेकिन एक नए शोध ने इसे भी मुमकिन करने की कोशिश की है, क्योंकि स्टडी में यह बात सामने आई है कि अल्जाइमर से दिमाग को हुए नुकसान को ठीक किया जा सकता है। 

न्यूरोवैस्कुलर शोध में नए मैकेनिज्म की पहचान

हाल की न्यूरोवैस्कुलर शोध में एक ऐसे मैकेनिज्म की पहचान की गई है, जो अल्जाइमर से दिमाग को हुए नुकसान को शायद ठीक कर सकता है। कई दशकों से, डॉक्टर एपीओई4 जीन वाले मरीजों में रक्त वाहिकाओं के गंभीर रूप से खराब होने की स्थिति देखते आ रहे हैं। हालांकि, इस गिरावट के पीछे के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया था। 

अल्जाइमर कैसे पहुंचाता है दिमाग को नुकसान? 

अब, माउंट सिनाई के शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि यह ज्यादा जोखिम वाला जीन किस तरह से मस्तिष्क की सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं को सक्रिय रूप से नुकसान पहुंचाता है। साथ ही असामान्य प्रोटीन के जमाव को बढ़ावा देता है। यह ऐसा पेरीसाइट्स को प्रभावित करके करता है। कई तरह के काम करने वाली ये कोशिकाएं छोटी रक्त वाहिकाओं की बाहरी दीवारों के चारों ओर लिपटी होती हैं। 

इसके प्रभाव के कारण ये वाहिकाएं मोटी हो जाती हैं और अमाइलाइड जैसे असामान्य, गलत तरीके से मुड़े हुए प्रोटीन के गुच्छे जमा होने लगते हैं, जो मौजूदा इलाज का मुख्य लक्ष्य हैं। इन स्थितियों से दिमाग में रक्त का प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जिससे दिमाग को नुकसान पहुंच सकता है। 

टीजीएफ-बीटा प्रोटीन को ब्लॉक करना असरदार 

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि टीजीएफ-बीटा नाम के प्रोटीन को ब्लॉक करने से, जो टिश्यू सेल की गतिविधि और मरम्मत में शामिल होता है, चूहों में पेरीसाइट्स की सुरक्षा हुई और एपीओई4 से जुड़ी दिमाग की रक्त वाहिकाओं के खराब होने को ठीक किया जा सका। यह शोध "सेल" और "सेल स्टेम सेल" में प्रकाशित हुए। 

इसके सह-लेखक जोएल ब्लैंचर्ड ने कहा, "दिमाग की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचना अल्जाइमर बीमारी का केवल बाद का परिणाम नहीं है। यह एपीओई4 के कारण होने वाली एक जैविक रूप से सक्रिय प्रक्रिया है, जिसे ठीक किया जा सकता है।" ये नतीजे रक्त वाहिकाओं के काम को बनाए रखने और अमाइलाइड के जमाव को सीमित करने के लिए नए इलाज के टारगेट बताते हैं। (रायटर)