National Sports Day 2023: सिर्फ फिजिकल ही नहीं मेंटल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है स्पोर्ट्स, जानें इसके फायदे
National Sports Day 2023 पूरा देश आज नेशनल स्पोर्ट्स डे मना रहा है। यह खास दिन मशहूर हॉकी प्लेयर मेजर ध्यानमंद के जन्मदिन पर हर साल 29 अगस्त को मनाया जाता है। हम सभी किसी न किसी तरीके खेलकूद से जुड़े हुए हैं। अक्सर लोग स्पोर्ट्स को सिर्फ फिजिकल हेल्थ से जोड़कर देखते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपकी मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद है।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। National Sports Day 2023: देशभर में आज राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जा रहा है। हर साल 29 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 2012 से हुई थी। खेल जगत के लिए यह दिन बेहद खास है, क्योंकि यह वही तारीख है, जब महान हॉकी प्लेयर मेजर ध्यानचंद का जन्म हुआ था। हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन के मौके पर हर साल यह दिन मनाया जाता है।
बचपन में हम सभी ने कोई ना कोई खेल जरूर खेला होगा। यह एक ऐसी एक्टिविटी है, जो न सिर्फ हमें स्पोर्ट्समैनशिप सिखाती है, बल्कि लीडरशिप स्किल्स को बढ़ाने में भी मदद करती है। दुनिया भर में कई सारे लोग स्पोर्ट्स फैन हैं, जो हॉकी, क्रिकेट, फुटबॉल आदि खेलना या देखना पसंद करते हैं। हालांकि, ज्यादातर लोग इसे बतौर शौक या करियर के अपनाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्पोर्ट्स का हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है।
यह तो हम सभी जानते हैं कि स्पोर्ट्स हमारी फिजिकल फिटनेस के लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन यह कई तरह से हमारे मानसिक स्वास्थ्य को भी फायदा पहुंचता है। ऐसे में नेशनल स्पोर्ट्स डे के मौके पर आज जानेंगे स्पोर्ट्स से मेंटल हेल्थ को होने वाले कुछ शानदार फायदाओं के बारे में।
मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद स्पोर्ट्स
खेल मानसिक स्वास्थ्य के लिए कैसे फायदेमंद है, इस बारे में एक स्टडी में भी खुलासा हो चुका है। जर्नल आफ एडोलेसेंट हेल्थ के एक अध्ययन में यह सामने आया कि जब लोग टीम स्पोर्ट्स खेलते हैं, तो इससे तनाव कम होता है और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है। इस अध्ययन में यह भी पता चला कि ग्रुप स्पोर्ट्स खेलने से एकता की भावना विकसित होती है, जो लंबे समय तक मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा स्पोर्ट्स से मेंटल हेल्थ को होने वाले अन्य फायदों के बारे में जानने के लिए हमने तुलसी हेल्थकेयर,नई दिल्ली के मनोचिकित्सक और वरिष्ठ सलाहकार डॉ. गौरव गुप्ता से बात की।
तनाव में कमी
स्पोर्ट्स खेलने से शरीर में एंडोर्फिन का प्रोडक्शन बढ़ता है, जो आपको तनावरहित और खुश महसूस कराते हैं। साथ ही यह तनाव पैदा करने वाले कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर को भी काम करते हैं, जिससे आपका मूड बेहतर होता है। खेल खेलने से तनाव और चिंता को दूर करने में मदद मिल सकती है।
मूड सुधारे
खेलों में भाग लेने से व्यक्ति के दृष्टिकोण और स्वयं की भावना में सुधार हो सकता है। नियमित खेलकूद करने से सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर का उत्पादन बढ़ता है, जो सकारात्मक भावनाओं और आनंद से जुड़े होते हैं।
डिप्रेशन दूर करे
खेल और ऐसी ही फिजिकल एक्टिविटी में हिस्सा लेने से डिप्रेशन के लक्षण विकसित होने की संभावना कम हो जाती है। इन दिनों कई लोग डिप्रेशन और एंग्जायटी की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में स्पोर्ट्स आपके लिए नेचुरल एंटी डिप्रेसेंट का काम करते हैं। दरअसल यह शरीर में एंडोर्फिन का स्तर बढ़ाकर कोर्टिसोल का लेवल काम करते हैं, जिससे तनाव और चिंता दूर होती है। ऐसे में जब हल्के डिप्रेशन और चिंता की बात आती हैं, तो स्पोर्ट्स से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
सोशल कॉन्टेक्ट
टीम गेम्स खेलने से आपको सामाजिक कौशल का अभ्यास करने का मौका मिलता है। किसी टीम या समूह का हिस्सा बनने से लोगों का एक सपोर्ट नेटवर्क मिल सकता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
माइंड-बॉडी कनेक्शन
ऐसे खेलों में भाग लेने से जिनमें शारीरिक परिश्रम की आवश्यकता होती है, लोगों को अपने शरीर की बेहतर समझ विकसित करने में सहायता मिल सकती है। इस बढ़ी हुई आत्म-जागरूकता की वजह से सेल्फ-केयर की भावना बढ़ती है और तनाव-चिंता के शारीरिक लक्षणों को नियंत्रित करने की बेहतर क्षमता हो सकती है।
बेहतर नींद
खेलकूद की वजह से नियमित शारीरिक गतिविधि होती है, जिससे नींद की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है, जो बदले में पूरे मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अच्छे मूड और बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी है।
यह भी ध्यान रखें
हालांकि, खेल मानसिक स्वास्थ्य पर विभिन्न प्रकार के अच्छे प्रभाव डाल सकते हैं, लेकिन इसके व्यक्तिगत अनुभव भिन्न हो सकते हैं। कुछ लोगों को प्रतिस्पर्धी खेलों में तनाव मिल सकता है, तो वहीं अन्य लोग उनमें सफल हो सकते हैं। ऐसे में उन गतिविधियों का चयन करना जरूरी है, जो आपकी पसंद के मुताबिक हों। अगर आप गंभीर मानसिक स्वास्थ्य कठिनाइयों से जूझ रहे हैं, तो मदद के लिए मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से बात करने की सलाह दी जाती है।
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