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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत में Monkeypox Virus की दस्तक! वक्त रहते आप भी जान लें इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Published: Sun, 08 Sep 2024 05:35 PM (IST)Updated: Sun, 08 Sep 2024 06:53 PM (IST)

भारत में मंकीपॉक्स (MonkeyPox) का पहला संदिग्ध मामला सामने आया है। दरअसल विदेश से लौटे एक युवक में इस वायरस ...और पढ़ें

भारत में सामने आया MonkeyPox का पहला संदिग्ध मामला, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके (Image Source: Freepik)
भारत में सामने आया MonkeyPox का पहला संदिग्ध मामला, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके (Image Source: Freepik)

HighLights

  1. भारत में मंकीपॉक्स का पहला संदिग्ध मामला सामने आया है।
  2. विदेश से लौटे एक शख्स में मंकीपॉक्स वायरस के लक्षण नजर आए हैं।
  3. वक्त रहते बचाव के उपाय अपनाना और इससे जुड़े लक्षणों को जानना बेहद जरूरी है।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया भर में मंकीपॉक्स (MonkeyPox) का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। अफ्रीका से निकलकर यह वायरस यूरोप और अमेरिका तक पहुंच चुका है। अब भारत भी इस वैश्विक स्वास्थ्य संकट से अछूता नहीं रहा है। हाल ही में, देश में मंकीपॉक्स का पहला संदिग्ध मामला (Monkeypox first case India) सामने आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि एक व्यक्ति में इस वायरस के संक्रमण से जुड़े लक्षण दिखाई दिए हैं। बता दें, शख्स हाल ही में विदेश से लौटा था, इसलिए मामला सामने आते ही मरीज को तुरंत आइसोलेट करके जरूरी टेस्ट के लिए भेज दिया गया है। 

कैसी है मरीज की हालत?

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संदिग्ध मरीज को आइसोलेशन में रखा गया है और उसकी हालत स्थिर है। मरीज के नमूनों की जांच राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) में की जा रही है। जांच के परिणाम आने के बाद ही मंकीपॉक्स की पुष्टि हो पाएगी। मंत्रालय ने बताया कि इस मामले को लेकर सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं और सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। देश इस तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। ऐसे में, आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं इससे जुड़े लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में।

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मंकीपॉक्स कैसे फैलता है?

मंकीपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है जो मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति या जानवर के साथ सीधे संपर्क में आने से फैलती है। यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के घावों, द्रवों या संक्रमित सामग्री के संपर्क में आने से भी फैल सकती है। हाल ही में हुई स्वास्थ्य मंत्रालय की बैठक में पता चला है कि मंकीपॉक्स का संक्रमण आमतौर पर 2 से 4 सप्ताह तक रहता है। ज्यादातर मामलों में, मरीजों को सिर्फ सामान्य देखभाल की जरूरत होती है और वे ठीक हो जाते हैं। यह बीमारी मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के साथ घनिष्ठ संपर्क में आने से फैलती है, खासकर यौन संबंध के दौरान या संक्रमित व्यक्ति के घावों के सीधे संपर्क में आने से।

मंकीपॉक्स के लक्षण

मंकीपॉक्स के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के बाद 5 से 21 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं।

  • बुखार
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों का दर्द
  • पीठ दर्द
  • ठंड लगना
  • थकावट
  • उभरे हुए दर्दनाक दाने
  • सूजी हुई लिम्फ नोड्स (यह लक्षण इसे चेचक से अलग बनाता है)

कुछ मामलों में, मरीजों को नीचे दिए लक्षण भी हो सकते हैं-

  • सांस लेने में तकलीफ
  • निगलने में कठिनाई
  • आंखों में सूजन

डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर आपको मंकीपॉक्स के लक्षण दिखाई देते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

मंकीपॉक्स से बचाव के तरीके

  • संक्रमित जानवरों से दूर रहें।
  • संक्रमित लोगों के साथ निकट संपर्क से बचें।
  • अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं।
  • सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें।

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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।