नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Iron Deficiency Symptoms: हम अक्सर सुनते हैं कि पोषण विशेषज्ञ अच्छे स्वास्थ्य के लिए पालक, बीन्स, मटर, किशमिश, खुबानी, मुर्गी और समुद्री भोजन जैसे खाद्य पदार्थों को खाने की सलाह देते हैं। हमें इस बात का एहसास बहुत कम है कि यह मैक्रोन्यूट्रिएंट्स स्वास्थ्य के लिए कितने आवश्यक हैं। आयरन वह मूल घटक है जिसकी शरीर को हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आवश्यकता होती है - लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक प्रोटीन जो फेफड़ों से ऑक्सीजन को पूरे शरीर में ऊतकों और अंगों तक पहुंचाता है। अगर शरीर में आयरन की कमी होती है, तो आरबीसी ऊतकों तक ऑक्सीजन ले जाने में विफल हो जाते हैं।

कोई भी यह महसूस कर सकता है कि स्वास्थ्य के संबंध में आयरन की कमी इतना गंभीर विषय नहीं है; जबकि सच यह है कि अगर लंबे समय तक इलाज न किया जाए तो यह विशेष रूप से हानिकारक हो सकता है। सबसे पहले, आयरन की कमी के लक्षणों को जानना महत्वपूर्ण है ताकि समय पर निदान और उपचार किया जा सके।

आयरन की कमी के लक्षण क्या हैं?

मयो क्लिनिक के अनुसार, एनीमिया- आयरन की कमी का सबसे गंभीर परिणाम है, जिस पर शुरुआती दिनों में किसी का ध्यान नहीं जाने की संभावना ज़्यादा होती है, लेकिन समय के साथ यह काफी नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, शरीर पर कुछ और संकेत भी दिख जाते हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। इनमें से कई हाथों और पैरों पर नज़र आ जाते हैं।

आयरन की कमी के एनीमिया से संबंधित कुछ सबसे आम लक्षणों में शामिल हैं:

- पीली त्वचा

- कमज़ोरी

- सिर दर्द

- चक्कर आना

- सिर चकराना

- भयानक थकावट

- जीभ में सूजन

- बच्चों और शिशुओं में भूख न लगना

- नाखूनों का कमज़ोर होना

- गंदगी या बर्फ जैसी चीजों को खाने का दिल चाहना

इसी बीच आयरन की कमी का एक ऐसा लक्षण है जिसे लोग अनदेखा कर सकते हैं - और वो हैं ठंडे हाथ और पैर। कई लोग आयरन की कमी को सप्लीमेंट्स के ज़रिए पूरा करते हैं, वहीं, कई लोग डाइट में बदलाव कर इसकी कमी को पूरा करते हैं। जब बात आती है सप्लीमेंट्स की तो इसकी खुराक बिना डॉक्टर की सलाह के न लें, क्योंकि ज़रूरत से ज़्यादा आयरन जानलेवा साबित हो सकता है, खासतौर पर बच्चों के लिए।

क्या आप में भी है आयरन की कमी का जोखिम?

अत्यधिक आंतरिक या बाहरी रक्तस्राव आयरन की कमी के लिए ज़िम्मेदार प्रमुख कारणों में से एक है। इन लोगों में हो सकता है आयरन की कमी का जोखिम:

- जिन महिलाओं को अत्यधिक भारी मासिक धर्म होता है।

- गर्भवती महिलाओं को बच्चे के विकास के लिए दोगुने आयरन की आवश्यकता होती है।

- हालांकि, आयरन की कमी और एनीमिया जैसी स्थितियां का स्वयं निदान या खुद से उपचार नहीं किया जा सकता है।

Disclaimer:लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Edited By: Ruhee Parvez