टाइप-2 डायबिटीज से बचना है तो फॉलो करें ये डाइट, मिलेंगे और भी कई फायदे; बस इन बातों का रखें ध्यान
आज कल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत का ख्याल नहीं रख पा रहे हैं। इससे उन्हें कई तरह की बीमारियां घेर रही हैं। डायबिटीज भी उन्हीं में से एक है। हालांकि अगर आप अपने खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान दें तो इसे कुछ हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में डायबिटीज एक आम समस्या बन चुकी है। इसके पीछे खराब खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल जिम्मेदार है। अगर आपको अपना ब्लड शुगर कंट्रोल करना है तो अपनी डाइट पर खास ध्यान देने की जरूरत है।
एक नए अध्ययन के अनुसार, अगर लोग भूमध्यसागरीय शैली का आहार (Mediterranean Diet) अपनाएं, खाने में कैलोरी कम करें, हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि करें और वजन कम करने के लिए विशेषज्ञों की मदद लें, तो टाइप-2 डायबिटीज का खतरा करीब 31 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
ये शोध हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किया है और इसे एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है। शोध के लेखक फ्रैंक हू ने कहा कि यह हमारे पास उपलब्ध सबसे पुख्ता सबूत हैं, जो बताते हैं कि डाइट और लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे और लगातार किए गए बदलाव दुनिया भर में डायबिटीज के लाखों मामले रोक सकते हैं।
4,746 लोगों को किया गया शामिल
उन्होंने ये भी बताया कि पहले के अध्ययनों में भूमध्यसागरीय डाइट को अच्छे स्वास्थ्य से जोड़ा गया है। यह यूरोप का सबसे बड़ा न्यूट्रिशन और लाइफस्टाइल ट्रायल है। इस अध्ययन में स्पेन और हार्वर्ड चान स्कूल के 23 विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने 4,746 लोगों को शामिल किया। इन्हें दो समूहों में बांटा गया और छह साल तक उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी गई।
दिखे ये बदलाव
पहले समूह ने भूमध्यसागरीय आहार अपनाया, रोजाना खाने में करीब 600 कैलोरी कम की, हल्का व्यायाम किया और वजन कम करने के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली। नतीजा ये निकला कि पहले समूह के लोगों में टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा दूसरे समूह की तुलना में 31 प्रतिशत तक कम था। साथ ही उनका वजन भी घटा और अन्य स्वास्थ्य मानकों में भी सुधार देखा गया।
क्या होती है Mediterranean Diet?
क्लीवलैंड क्लीनिक के मुताबिक, भूमध्यसागरीय आहार (Mediterranean Diet) में मुख्य रूप से पौधों से मिलने वाले फूड आइटम्स और हेल्दी फैट्स होते हैं। इस डाइट में ज्यादातर सब्जियां, फल और साबुत अनाज खाए जाते हैं। इसमें एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल फैट का मेन सोर्स होता है।
क्या हैं Mediterranean Diet के फायदे?
- हृदय रोग, हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कम होना।
- वजन कम करना।
- ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बनाए रखना।
- मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा कम होना।
- कुछ खास तरह के कैंसर का खतरा कम होना।
- बढ़ती उम्र के साथ दिमाग को भी हेल्दी रखना।
- लंबी उम्र पाने में मदद करना।
Mediterranean Diet में शामिल होते हैं ये फूड आइटम्स
मेडिटेरेनियन डाइट में फल-सब्जियों का बड़ा रोल होता है। स्प्राउट्स, लेटस, पालक, फूलगोभी, गाजर, प्याज, टमाटर, ब्रोकली, खीरा, नींबू, मशरूम, सरसों को आप डाइट में शामिल कर सकते हैं। फ्रूट्स की बात करें तो अनार, केला, सेब, संतरा, अंजीर, खरबूजा, तरबूज, नाशपाती, बेरीज, स्ट्रॉबेरी और बाकी फल भी खा सकते हैं। साबुत अनाज भी इसमें जरूर शामिल किया जाता है। जैसे होल व्हीट, ब्राउन राइस, राई, ओट्स आप खा सकते हैं।
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Source-
- https://my.clevelandclinic.org/health/articles/16037-mediterranean-diet
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