यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Male Fertility: पापा बनने का सपना तोड़ सकती हैं आपकी ये खराब आदतें! आज ही कर लें ये 5 जरूरी बदलाव
माता-पिता बनने और बच्चों को जन्म देने की ख्वाहिश हर प्रेमी जोड़े की होती है लेकिन आजकल की खराब दिनचर्या ...और पढ़ें

HighLights
- खराब रहन-सहन और खानपान के चलते स्पर्म काउंट पर बुरा असर देखने को मिलता है।
- लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करके पुरुषों में फर्टिलिटी बढ़ाई जा सकती है।
- हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए सिर्फ महिला ही नहीं, पुरुषों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ भी काफी मायने रखती है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। How to Increase Male Fertility: रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी ऐसी कई आदतें हैं, जो पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती हैं। बता दें, आपके रहन-सहन और खानपान का सीधा असर आपकी रिप्रोडक्टिव हेल्थ देखने को मिलता है। ऐसे में सफल प्रेग्नेंसी के लिए सिर्फ महिलाओं को ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी अपनी रीप्रोडक्टिव हेल्थ का खास ख्याल रखना चाहिए। आइए जानते हैं कुछ ऐसी बातों के बारे में जो आपकी बेबी प्लानिंग को खुशनुमा बनाने और फर्टिलिटी से जुड़ी तमाम समस्याओं से निजात दिलाने में कारगर साबित हो सकती हैं।

शराब और स्मोकिंग से बनाएं दूरी
शराब और धूम्रपान दोनों से ही आपके स्पर्म की मूव करने की शक्ति कम होती है, जिसके कारण कम ही स्पर्म अंडे तक पहुंच पाते हैं और प्रेग्नेंसी की संभावना में भी कमी आती है। आपकी इस आदत से स्पर्म के डीएनए पर भी असर पड़ता है, जिससे प्रेग्नेंसी में आगे चलकर समस्या आ सकती है। ध्यान रहे, एक स्वस्थ और संतुलित आहार प्रजनन क्षमता में सुधार कर सकता है।
तनाव न लें
तनाव और चिंता से हार्मोनल संतुलन बाधित होता है, जो कि कामेच्छा में कमी लाकर प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डाल सकता है। ऐसे में, योग, ध्यान या व्यायाम को अपने रूटीन में शामिल करके आप स्ट्रेस को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं।
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एसटीआई से बचें
शारीरिक संबंध बनाते हुए सेफ्टी का खास ध्यान रखें। बता दें, इस दौरान लापरवाही बरतने से यौन संचारित रोगों (Sexually Transmitted Infections) का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नियमित रूप से एसटीआई की जांच कराएं, कंडोम का इस्तेमाल करें और अपने पार्टनर की हेल्थ का भी ध्यान रखें।
8 घंटे की नींद
नींद की कमी की वजह से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकते हैं, जो स्पर्म बनाने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इस वजह से स्पर्म मोटिलिटी भी कम होती है यानी, स्पर्म कम मूव कर पाते हैं। इसलिए अपने शेड्युल को इस तरह बनाएं कि आप रोज कम से कम 8 घंटे की नींद जरूर लें।
फास्ट फूड को कहें 'बाय'
जैसी कि हमने पहले भी बताया कि खानपान का सीधा असर आपकी सेहत पर देखने को मिलता है, इसमें स्पर्म भी शामिल हैं। बता दें, अनहेल्दी चीजें खाने से कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिसका असर स्पर्म की मूव करने की क्षमता यानी गतिशीलता पर पड़ता है।
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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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