नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Electric Shock First Aid: एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक टिकट चेकर प्लेटफॉर्म पर खड़ा है, कि तभी बिजली की तार से उसे इलेक्ट्रिक शॉक लग जाता है। जिसके बाद वह बेहोश होकर रेलवे ट्रेक पर गिर जाता है। यह हादसा पश्चिम बंगाल के खड़गपुर रेलवे स्टेशन का है। रिपोर्ट्स के अनुसार, घायल हुए TTE अब ख़तरे से बाहर हैं, और उनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।

बिजली का झटका लगने का हादसा पहली बार नहीं हुआ है। ऐसा कई बार देखने को मिलता है। ऐसे में अगर आपके सामने किसी को बिजली का शॉक लगता है, तो आपको तुरंत कैसे मदद करना चाहिए और किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

इलेक्ट्रिक शॉक लगने पर क्या करना चाहिए?

हमारे शरीर बिजली के अच्छे संवाहक हैं, इसलिए अगर आप बिजली के स्रोत से जुड़े हुए व्यक्ति को छूते हैं, तो बिजली आपके शरीर से प्रवाहित होगी और आपको भी झटका लगेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इलेक्ट्रिक शॉक कितना गंभीर है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपको किस तरह का करंट और वोल्टेज लगा। बिजली का झटका गंभीर तरीके से जला सकता है और जानलेवा भी साबित हो सकता है। यह शरीर में कार्डियक अरेस्ट की वजह बन गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

मेडिकल एमर्जेंसी कब होती है?

मेडिकल एमर्जेंसी सर्विस को फोन लगाएं अगर घायल व्यक्ति:

  • के शरीर पर गंभीर जलने के घाव हैं
  • व्यक्ति कंफ्यूज़्ड है
  • सांस लेने में दिक्कत हो रही है
  • दिल की धड़कने धीमी या तेज़ हो गई हैं
  • कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक हो जाता है
  • मांसपेशियों में दर्द या अकड़न
  • दौरा पड़ता है
  • बेहोश हो जाता है

किसी को करंट लगे तो कैसे उसकी मदद की जा सकती है?

जब भी आपके सामने किसी को इलेक्ट्रिक शॉक लगता है, तो फौरन मेडिकल एमर्जेंसी सर्विस को फोन लगाएं:

  1. सीधे हाथों से बिजली की तार या जहां से करंट लगा है उसको न छुएं। इससे आपको भी करंट लग सकता है।
  2. जिस व्यक्ति को करंट लगा है, उसे न हिलाएं।
  3. जहां से बिजली आई, कोशिश करें कि उस सोर्स को बंद कर दें। अगर ऐसा मुमकिन नहीं है, तो फिर व्यक्ति से उस तार को लड़की की मदद से दूर करें।
  4. इलेक्ट्रिक तार से एक बार व्यक्ति दूर हो जाए, उसके बाद उसकी सांसें चेक करें और देखें कि धड़कन है या नहीं।
  5. अगर शॉक के संकेत दिखें, तो व्यक्ति को ज़मीन पर लेटाएं। कोशिश करें कि उसके पैरों को ऊपर उठाकर सिर को धड़ से थोड़ा नीचे रखें।
  6. अगर व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत आ रही है, बेहोश है, दौरा पड़ रहा है, मांसपेशियों में दर्द या सुन हैं या फिर दिल की धड़कनें तेज़ हैं, तो जितना जल्दी हो सके उसे मेडिकल हेल्प दिलवाएं।
  7. अगर व्यक्ति में सांस लेने, खांसने या फिर किसी तरह की मूवमेंट नहीं दिख रही है, तो CPR शुरू करें।
  8. कोशिश करें कि घायल व्यक्ति का शरीर ठंडा न पड़े।
  9. जहां-जहां जल गया है उन जगहों पर पट्टी या दवाई लगाएं। ब्लैंकेट या चौलिए का इस्तेमाल न करें, क्योंकि उसके रोए जले हुई त्वचा पर चिपक सकते हैं।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Picture Courtesy: Freepik

Edited By: Ruhee Parvez

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