क्या आप हमेशा रहते हैं नेगेटिव खबरों से घिरे, तो जानें कैसे यह बना सकता है आपको बीमार
अपने आस-पास घट रही घटनाओं के बारे में अपडेट रहना बुरा नहीं है लेकिन हर वक्त सिर्फ बुरी या दुखद खबरों के बारे में देखना या बातें करना आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकता है। इस तरह की doom scrolling (दुखद या बुरी खबरों को स्क्रॉल करना) के कई खतरे भी हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सुबह उठते ही हम सबसे पहले अपना फोन उठाते हैं और उस दिन की खबरों को स्क्रॉल करना शुरू कर देते हैं। आपके सामने क्राइम से जुड़ी कई सारी खबरें बार-बार आती रहती हैं और आप उठने के साथ ही एक तरह की नेगेटिविटी से घिर जाते हैं।
आपका फोन भी बार-बार उन्हीं चीजों को दिखाता है, जिस कंटेंट को आप सबसे ज्यादा देखते हैं। इस तरह एक साइकिल-सी बन जाती है और आपकी मेंटल हेल्थ पर उसका प्रभाव पड़ने लगता है। Doom scrolling शब्द कोरोना के समय काफी चर्चाओं में आया था, लेकिन हम आज भी रोजमर्रा में इस आदत को हावी होते हुए देख रहे हैं।
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महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं
इस आदत का संबंध हमारे ब्रेन के लिम्बिक सिस्टम से है। ये हमें खतरों से सावधान रहने की चेतावनी देता है। आप जितना ज्यादा नेगेटिव खबरें या स्टोरी देखेंगे, आपका दिमाग आपको और ज्यादा स्क्रॉल करने के लिए बाध्य करेगा। इससे महिलाएं और ऐसे लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं, जिन्हें पहले कोई ट्रॉमा हुआ हो। जो लोग हिंसा का शिकार होते हैं, वो डर की वजह से ऐसा करते हैं और उन्हें दुनिया असुरक्षित लगने लगती है।
किसी का पेट दुखता है तो किसी का बढ़ता है बीपी
दुखद खबरों से आपके पेट में कुछ-कुछ महसूस होता है। इससे उल्टी का एहसास भी होता है। हार्वर्ड के विशेषज्ञों का मानना है कि कई लोगों को Doom scrolling की वजह से सिरदर्द, मसल्स में ऐंठन, गर्दन और कंधे में दर्द, भूख का कम होना, नींद न आने की समस्या महसूस होती है। कई लोगों में तो ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है।
इससे बचने के लिए क्या करें
- अपने फोन को रखें दूर: ऐसा करने से आप सुबह उठते ही सबसे पहले फोन नहीं देखेंगे। इससे आपके स्ट्रेस का स्तर काफी कम होगा।
- खाने की टेबल पर साथ फोन न लाएं: खाते समय अपना फोन कम से कम एक हाथ की दूरी पर रखें। आप इसे साइलेंट मोड पर भी रख सकते हैं।
- नोटिफिकेशन बंद कर दें: इस तरह की बीप से आप अलर्ट मोड पर आ जाते हैं। आपके सामने खबरों की हेडलाइलन, ईमेल, मैसेज नजर आने लगते हैं। अपने फोन की सेटिंग में नोटिफिकेशन को म्यूट कर दें।
- पॉजिटिव खबरों को ज्यादा महत्व दें: दिनभर नेगेटिव खबरों की जगह पॉजिटिविटी वाली खबरें देखें या सुनें, इससे आपका स्ट्रेस थोड़ा कम होगा।
- लोगों से भी कहें न: अगर कोई आपको हमेशा ही दुखद या हिंसक खबरें ही सुनाता है, तो उससे भी ऐसा करने से मना कर दें। इससे आप खुद को नियंत्रित रख पाएंगे।
- यदि बढ़ गई हो परेशानी: अगर आप इस आदत को नहीं छोड़ पा रहे या आप पर उसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है, तो किसी अच्छे साइकोलॉजिस्ट से जरूर सलाह लें।
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