High Cholesterol: हाई कोलेस्ट्रॉल से बढ़ जाता है इन 5 बीमारियों का खतरा, ऐसे करें दूर
High Cholesterol कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार वसा है जिसका उत्सर्जन लिवर से होता है। यह शरीर में हार्मोन और विटामिन समेत कई आवश्यक तत्वों के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है। साथ ही कोलेस्ट्रॉल प्रोटीन से मिलकर फैट को रक्त में घुलने नहीं देता है।

दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। High Cholesterol: गलत खानपान, खराब दिनचर्या, स्मोकिंग और शराब के अत्यधिक सेवन की वजह से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है। कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार वसा है, जिसका उत्सर्जन लिवर से होता है। कोलेस्ट्रॉल शरीर में हार्मोन और विटामिन समेत कई आवश्यक तत्वों के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है। साथ ही यह प्रोटीन से मिलकर फैट को रक्त में घुलने नहीं देता है। कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार के हैं, जो क्रमशः गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल। गुड कोलेस्ट्रॉल हृदय के लिए फायदेमंद होता है। वहीं, बैड कोलेस्ट्रॉल हृदय के लिए नुकसानदेह होता है। बैड कोलेस्ट्रॉल से ब्लड सर्कुलेशन में बाधा आती है। इससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, कई अन्य बीमारियां भी दस्तक देती हैं। आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-
कोरोनरी हृदय रोग
यह बीमारी उस समय पैदा होती है। जब धमनियों में वसा युक्त पदार्थों की वजह से रक्त आपूर्ति में बाधा आती है। आसान शब्दों में कहें तो जब धमनियों में रक्त आपूर्ति में बाधा आती है, तो कोरोनरी हृदय संबंधी बीमारी होती है। इस स्थिति में शरीर में ऑक्सीजन की कमी और सीने में दर्द की समस्या होती है। इस वजह से दिल का दौरा भी पड़ता है। ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में यह बीमारी अधिक देखी जाती है।
दिल का दौरा
हाई कोलेस्ट्रॉल से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इससे रक्त धमनियों में वसा जमने लगता है। इस वजह से धमनियों में रक्त प्रवाह सही से नहीं होता है और रक्त में थक्का बनने लगता है। इस वजह से दिल का दौरा का पड़ता है।
पेरिफेरल धमनी रोग (पीएडी)
हाथों और पैरों की धमनियों में अत्यधिक वसा जमा होने से पेरिफेरल धमनी रोग (पीएडी) का खतरा बढ़ जाता है। इससे शरीर में रक्त कम मात्रा में प्रवाह होता है। इस बीमारी से मुख्तयः हाथ और पैर प्रभावित होते हैं। इस स्थिति में हाथों और पैरों में दर्द होता है। लंबे समय तक पीड़ित रहने पर यह गंभीर रूप अख्तियार कर लेती है।
स्ट्रोक
हाई कोलेस्ट्रॉल से रक्त में प्लॉक जमा हो जाते हैं। इसके चलते धमिनयों में एथेरोस्क्लेरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में धमनियां सख्त हो जाते हैं। साथ ही रक्त प्रवाह में भी बाधा आती है। जब मस्तिष्क में रक्त आपूर्ति में बाधा होती है, तो रक्त वाहिका फट जाती है। इससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन
शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन की भी समस्या होती है। एक शोध में बताया गया है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन का प्रमुख कारण बैड कोलेस्ट्रॉल भी है। इससे कामेच्छा में कमी आ जाती है। आसान शब्दों में कहें तो यौन इच्छा कम हो जाती है।
कैसे करें दूर
बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए लो सोडियम रिच फूड्स का सेवन करें। साथ ही अपनी डाइट में आवश्यक पोषक तत्वों को जरूर शामिल करें। रोजाना एक्सरसाइज करें, शराब का सेवन न करें और स्मोकिंग को भी 'ना' कहें। इन टिप्स को फॉलो करने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है।
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