हाई-प्रोटीन डाइट का ट्रेंड अपना रहे हैं? शरीर की जरूरत समझे बिना न बढ़ाएं मात्रा
ज्यादा मात्रा में प्रोटीन लेना आपकी किडनी, हार्ट और पेट को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि शरीर को रोजाना कितने प्रोटीन की जरूरत है।

हाई-प्रोटीन डाइट के फायदे और नुकसान: जानें कितनी मात्रा है सही (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
प्रोटीन शरीर के लिए आवश्यक, पर अधिकता हानिकारक हो सकती है
ज्यादा प्रोटीन किडनी, हार्ट और पेट पर डालता है दबाव
संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेने के लिए सही तरीके अपनाएं
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। शरीर के लगभग हर काम को पूरा करने के लिए प्रोटीन जरूरी है। लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी है। प्रोटीन का जरूरत से ज्यादा सेवन आपकी किडनी, हार्ट और पेट पर भारी पड़ सकता है। आखिर, इतने अहम मैक्रोन्यूट्रिएंट्स की कितनी मात्रा लेना सही है और कब पता चलता है कि यह ज्यादा हो रहा है? आइए जानते हैं इस आर्टिकल में।
क्यों जरूरी है प्रोटीन?
- खाना पचाने वाले एंजाइम्स बनाने के लिए
- हॉर्मोन्स नियंत्रित करने के लिए
- बाल, स्किन और नाखून हेल्दी बनाए रखने के लिए
- वजन और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के लिए
- मसल्स रिपेयर करने और उसके ग्रोथ के लिए
- इम्युनिटी मजबूत बनाए रखने के लिए
इन बातों पर निर्भर करती है प्रोटीन की मात्रा
- प्रोटीन की मात्रा शरीर के प्रति किलोग्राम के हिसाब से प्रति ग्राम में मापा जाता है, इसलिए ज्यादा वजन वाले लोगों को ज्यादा प्रोटीन चाहिए
- दिनभर बैठे रहने वाले लोगों को उन लोगों की तुलना में कम प्रोटीन चाहिए जोकि नियमित रूप से एक्सरसाइज, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या ज्यादा मेहनत का काम करते हैं
- उम्र बढ़ने के साथ प्रोटीन की जरूरत भी बढ़ती है। इससे मसल लॉस कम किया जा सकता है और स्ट्रेंथ बढ़ाई जा सकती है
- शाकाहारी और वीगन डाइट लेने वाले लोगों को प्रोटीन के स्रोतों को सोच-समझकर चुनने की जरूरत होती है
- प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं, बीमारी से रिकवर हो रहे लोगों को हर दिन ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है, लेकिन डॉक्टरी सलाह जरूर लेकर
क्या होता है जब लेते हैं ज्यादा प्रोटीन
- लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने पर किडनी पर दबाव बढ़ जाता है
- अगर प्रोटीन ज्यादातर रेड मीट जैसे स्रोतों से हैं तो हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है
- अक्सर ज्यादा प्रोटीन वाले फूड आयटम में फाइबर कम होता है जोकि डाइजेशन को धीमा कर देता है और पेट में गड़बड़ी महसूस होती है
- ज्यादा प्रोटीन वाली प्लेट में कार्बोहाइड्रेट और हेल्दी फैट्स के लिए जगह ही नहीं बचती। ऐसे में कई सारे जरूरी पोषक तत्वों की कमी रह जाती है
कैसे जानें आप ज्यादा प्रोटीन ले रहे हैं
- बार-बार प्यास लगना या गला सूखना
- ब्लोटिंग, गैस, डायरिया या कब्ज रहना
- मुंह से दुर्गंध आना
- थकान महसूस होना
- फोकस नहीं कर पाना
- मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन होना
इस तरह बैलेंस करें
- साबुत रूप में: मछली, अंडे, लो फैट डेयरी और प्लांट बेस्ड प्रोटीन लें।
- डोज बांट दें: एक ही बार में पूरा प्रोटीन लेने की बजाय हर मील में इसे थोड़ा-थोड़ा करके लें।
- सही पेयरिंग: प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की पेयरिंग करने से यह अपना काम और अच्छी तरह कर पाएगा।
- प्लांट बेस्ड प्रोटीन: टोफू, फलियां, नट्स जैसे प्लांट बेस्ड प्रोटीन लेने से पाचन भी सही रहता है। साथ ही लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है।
- सप्लीमेंट लेने से पहले: अगर आप प्रोटीन को पाउडर, शेक या बार्स के रूप में ले रहे हैं तो उसमें एडेड शुगर, सैचुरेटेड फैट और एक्स्ट्रा कैलोरी चेक कर लें।
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