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    Anulom Vilom Pranayama: कोरोना से ठीक होने के बाद अनुलोम-विलोम प्रणायाम किस तरह कारगर है, जानिए फायदे

    By Shilpa SrivastavaEdited By:
    Updated: Mon, 31 May 2021 04:05 PM (IST)

    Anulom Vilom Pranayama फेफड़ों को दुरुस्त रखने के लिए और शरीर में ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए अनुलोम-विलोम प्राणायाम सबसे खास है। यह प्राणायाम फेफड़ों पर सबसे ज्यादा असर डालता है। कोरोना से रिकवरी के बाद यह फेफड़ों की ताकत बढ़ाता है।

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    यह प्राणायाम फेफड़ों की सेहत बढ़ाता है, इसे करने से खून में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है।

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। कोरोनावायरस से रिकवर होने के बाद भी आपके लिए योग और प्राणायाम जरूरी है। बेशक आपने कोरोना को मात दे दी, लेकिन उसके बाद भी जंग अभी और बाकी है। कोरोनावायरस का प्रभाव फेफड़ों पर अधिक पड़ता है, जिसकी वजह से कई मरीज़ों को सांस लेने में भी दिक्कत होती है। इस वायरस का फेफड़ों पर असर कोरोना से रिकवर होने के बाद भी रहता है। फेफड़ों को दुरुस्त रखने के लिए और शरीर में ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए योग में वैसे तो कई तरह के प्राणायाम बताए गए हैं लेकिन सबसे खास प्राणायाम अनुलोम-विलोम प्राणायाम है। यह प्राणायाम फेफड़ों पर सबसे ज्यादा असर डालता है। यह फेफड़ों की ताकत बढ़ाता है। आइए जानते हैं कि फेफड़ों की सेहत के लिए यह प्राणायाम कितना जरूरी है और यह कोरोना से रिकवर होने के बाद भी किस तरह सेहत का ध्यान रखता है।

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    कोरोना से रिकवर होने के बाद यह प्राणायाम कितना जरूरी है:

    यह प्राणायाम फेफड़ों की सेहत बढ़ाता है। इसे करने से खून में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है। बॉडी में फैली 72 हजार नाड़ियों में यह फिर से जान डालता है। यह बॉडी की सभी कोशिकाओं को ऊर्जा देता है। कोरोना के बाद तनाव, चिड़चिड़ापन,घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर, नींद नहीं आना, बॉडी में कमज़ोरी होने जैसे सभी लक्षणों का उपचार करता है।

    अनुलोम-विलोम से होती है इम्यूनिटी मज़बूत:

    यह प्राणायाम कोरोनाकाल में बेहद जरूरी है। इसे करने से इम्यूनिटी मज़बूत होती है। यह सर्दी-खांसी और जुकाम से निजात दिलाता है। इस व्यायाम को करने से सांस की क्रिया बेहतर होती है साथ ही इम्यूनिटी भी इंप्रूव होती है। आइए जानते हैं कैसे करें इस प्राणायाम को।

    कैसे करें :

    • एक शांत वातावरण में योग मैट या किसी भी आसन पर बैठ जाएं।
    • अब अपने बाएं हाथ के अंगूठे से, बायीं नाक के छिद्र को बंद करके, दायीं नाक के छिद्र से सांस लें।
    • अब दायीं नाक के छिद्र को अपनी एक उंगली से बंद करें और बाई नाक के छिद्र को खोलकर, इसके जरिए सांस छोड़ें।
    • दूसरी ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।
    • कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इस प्राणायाम को रोज सुबह करीब पांच मिनट तक करें। याद रहें कि सांस लेने और निकालने की आवाज़ नहीं हो। 

                  Written By: Shahina Noor