उठते ही चक्कर आने को हल्के में न लें, पोश्चरल हाइपोटेंशन से हो सकता है कनेक्शन
बैठे या सोए रहने की अवस्था के बाद एकदम से पॉजिशन बदलने या खड़े होने पर चक्कर आना पोश्चरल हाइपोटेंशन की निशानी हो सकती है।
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उठते ही चक्कर आना हो सकता है पोश्चरल हाइपोटेंशन का संकेत (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
पोश्चरल हाइपोटेंशन में खड़े होने पर ब्लड प्रेशर गिरता है
इसके लक्षणों में चक्कर आना, सिर घूमना और बेहोशी शामिल हैं
सिर ऊंचा करके सोएं और धीरे-धीरे स्थिति बदलें
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। स्वस्थ लोगों का ब्लड प्रेशर भी कई बार कम होता है। कुछ लोगों में नेचुरली ही ब्लड प्रेशर कम देखा जाता और उनकी सेहत पर इसका कोई बुरा असर भी नजर नहीं आता। लेकिन पोश्चरल हाइपोटेंशन में खड़े होने के 3 मिनट के अंदर चक्कर जैसा महसूस होता है, ऐसा ब्रेन जैसे मुख्य अंगों तक ऑक्सीजन सही तरीके से नहीं पहुंच पाने की वजह से हो सकता है। पोश्चरल हाइपोटेंशन क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इसे कैसे मैनेज किया जा सकता है, जानेंगे इस आर्टिकल में।
हो सकता है पोश्चरल हाइपोटेंशन
अगर लंबे समय तक बैठे या लेटे हुए स्थिति से उठते हैं तो उसके तीन मिनट के अंदर ब्लड प्रेशर अचानक से बेहद कम हो जाता है। ऐसा ग्रेविटी की वजह से पैरों में खून का तेजी से बहाव होने और ब्रेन तक सही तरीके से ना पहुंचने से हो सकता है। बुजुर्गों में ऐसी स्थिति होने पर गिरने और गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है।
ये होते हैं लक्षण
- चक्कर आना
- सिर में भारीपन महसूस होना
- कंफ्यूजन होना
- चक्कर खाकर गिर पड़ना
- मितली आना
- आंखों में धुंधलापन
- ध्यान ना लगा पाना
- हाथों का ठंडा पड़ना और पसीना आना
- सांसों का तेज चलना
- थकान होना
लो ब्लड प्रेशर के भी गंभीर परिणाम
वैसे तो हाई ब्लड प्रेशर को ही अक्सर हार्ट डिजीज या कई अन्य बीमारियों की बड़ी वजह माना जाता है, लेकिन लो ब्लड प्रेशर में भी इस तरह की परेशानियां हो सकती हैं:
- हार्ट डिजीज
- शरीर में ब्लड का वॉल्यूम कम होना
- गंभीर इंफेक्शन
- हॉर्मोन्स से जुड़ी समस्याएं
- गंभीर एलर्जिक रिएक्शन
ऐसे करें पोश्चरल हाइपोटेंशन को मैनेज
- सिर ऊंचा करके सोएं: सोते समय अपने सिर को 20 से 30 डिग्री तक ऊंचा रखें, इससे अचानक उठने पर ब्लड प्रेशर के लो होने के खतरे से बचे रहेंगे।
- धीरे-धीरे पॉजिशन बदलें: पॉजिशन बदलने के दौरान हड़बड़ी ना दिखाएं, अगर लेटे हुए हैं तो धीरे-धीरे बैठने की अवस्था में आएं और फिर कुछ सेकंड्स के बाद खड़े हों।
- बेड का सहारा लें: सोने की पॉजिशन से उठने के लिए बेड के किनारे या उसके किसी फिक्चर का सहारा लें।
- पैरों की सिंपल एक्सरसाइज: पैरों के ब्लड सर्कुलेशन को सामान्य बनाने के लिए हल्की-फुलकी स्ट्रेचिंग करें। इस दौरान कुर्सी या फिर बेड को पकड़े रहें।
- एकदम से झुकें नहीं: बेड से उठते ही एकदम से कोई सामान उठाने के लिए झुकें नहीं, इससे तेज चक्कर आ सकता है। सामान उठाने के लिए लंबी छड़ी या ठंडे का इस्तेमाल करें।
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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
