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डॉक्टर की फीस बचाने के चक्कर में कहीं किडनी तो खराब नहीं कर रहे आप? बुखार-सिरदर्द की दवाओं पर सरकार का अलर्ट

Published: Wed, 23 Sep 2026 09:43 AM (IST)

CDSCO ने पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाओं के बिना सोचे-समझे इस्तेमाल को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है।

बिना पर्ची एंटीबायोटिक और पेनकिलर खाने वाले हो जाएं सतर्क (Picture Courtesy: Freepik)

बिना पर्ची एंटीबायोटिक और पेनकिलर खाने वाले हो जाएं सतर्क (Picture Courtesy: Freepik)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर लोग मामूली सिरदर्द, बुखार या सर्दी-जुकाम होते ही मेडिकल स्टोर से खुद से दवाएं लेकर खा लेते हैं। मामूली समस्या के लिए वो डॉक्टर के पास जाकर फीस बर्बाद करने से बेहतर, किसी लोकल केमिस्ट से पेनकिलर या एंटीबायोटिक्स लेना ज्यादा पसंद करते हैं। 

इसी रवैये को देखते हुए सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाओं के बिना सोचे-समझे इस्तेमाल को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। आइए जानें क्या है ये चेतावनी। 

किडनी खराब और दवाएं बेअसर होने का खतरा

CDSCO के मुताबिक, नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स यानी पेनकिलर्स और एंटीबायोटिक्स दवाओं का बिना जरूरत के या बहुत ज्यादा इस्तेमाल किडनी की गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। इसके अलावा, एंटीबायोटिक्स का बेवजह इस्तेमाल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को बढ़ावा देते हैं, जिससे दवाएं बेअसर होने लगती हैं। 

इसलिए ये दवाएं ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सिर्फ डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेची जा सकती हैं। बिना डॉक्टर से सलाह लिए, इन दवाओं को लेना खतरनाक साबित हो सकता है। 

जनता के लिए जरूरी सलाह

CDSCO ने आम जनता के लिए जरूरी सलाह जारी की है, जिसमें कहा गया है-

  • पेनकिलर या एंटीबायोटिक्स का बार-बार या लंबे समय तक इस्तेमाल न करें। वायरल इन्फेक्शन जैसी बीमारियों में एंटीबायोटिक्स की जरूरत नहीं होती। इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है, ताकि सही दवाएं मिल सकें। 
  • डॉक्टर जो एंटीबायोटिक्स लेने के लिए कहें, सिर्फ उनका ही इस्तेमाल करें। बची हुई पुरानी दवाओं का खुद से इस्तेमाल न करें और किसी दूसरे व्यक्ति को दें। 
  • दर्द या बुखार बार-बार लौटने पर खुद दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि समस्या की असली वजह और सही दवा मिल सके। 
  • अगर आपको पहले से किडनी की कोई बीमारी है या कोई दूसरे हेल्थ रिस्क हैं, तो पेनकिलर लेने से पहले डॉक्टर को इस बारे में जरूर बताएं। 

डॉक्टर्स के लिए क्या निर्देश हैं?

CDSCO ने डॉक्टर्स के लिए भी निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि मरीज की उम्र, हेल्थ कंडीशन और बीमारियों को ध्यान में रखते हुए दवाएं लिखें। पेनकिलर की सबसे कम डोज और इन्हें लेने की सबसे कम समय तय करने के लिए कहा गया है। 

इसके अलावा, डिहाइड्रेशन, दिल की बीमारियों और किडनी की समस्या वाले मरीजों को पेनकिलर देते समय खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। एंटीबायोटिक्स के मामले में सही खुराक, सही दवा लेने और लंबे समय तक इस्तेमाल से बचने के निर्देश दिए गए हैं।

केमिस्ट्स पर सख्ती

केमिस्ट्स, रिटेलर्स और डिस्ट्रिब्यूटर्स को भी CDSCO ने सख्त निर्देश दिए हैं। शिड्यूल H और शिड्यूल H1 की दवाओं को बिना डॉक्टर की पर्ची के बेचने से मना किया गया है। साथ ही, लोगों में खुद से दवा लेने की आदत को बढ़ावा न देने की चेतावनी दी गई है। 

अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी दवाओं के इस्तेमाल पर निगरानी, पर्ची की जांच और काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कहा गया है।