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डायबिटीज और हाई BP के मरीज नवरात्र में रख रहे हैं व्रत? इन बातों का रखें ध्यान, वरना किडनी पर बढ़ सकता है खतरा

By Dr. Bhanu MishraEdited By: Shweta Chauhan
Published: Mon, 12 Oct 2026 02:03 PM (IST)

नवरात्र व्रत रखने वाले डायबिटीज और हाई बीपी के मरीजों को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए।

डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज व्रत में इन बातों का रखें ध्यान (Image Source: AI Generated)

डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज व्रत में इन बातों का रखें ध्यान (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नवरात्र में व्रत रखने का संबंध भक्ति से जुड़ा है, लेकिन जो लोग डायबिटीज और हाई बीपी की समस्या का सामना कर रहे हैं; उन्हें इन दिनों में काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर डायबिटीज और हाई बीपी दोनों ही स्थिति में व्रत रखने पर ठीक से ख्याल नहीं रखा गया, तो इसका किडनी पर बुरा प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही, व्रत में बिना कुछ खाए-पीए बगैर रहने से सेहत पर भी उल्टा असर पड़ सकता है। 

डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज व्रत में इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप डायबिटीज या हाई बीपी के मरीज हैं और नवरात्र में व्रत रखने की सोच रहे हैं, तो इन बातों का खास ध्यान रखें : 

पहले डॉक्टर से सलाह लें 

व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें, खासकर कि अगर आपका बीपी ज्यादातर समय हाई रहता है, डायबिटीज कंट्रोल नहीं रहती या किडनी से जुड़ी समस्या है। 

ब्लड शुगर और बीपी लेवल चेक करें 

रोजाना अपना ब्लड शुगर मॉनिटर करें और कम या ज्यादा बीपी से जुड़े संकेतों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें। 

खुद को हाइड्रेट रखें 

वैसे तो रोज ही सही मात्रा में पानी पीना चाहिए, लेकिन व्रत के समय पर्याप्त पानी पीने का खास ध्यान रखें। जब तक आपका डॉक्टर किडनी या दिल से जुड़ी बीमारी में ऐसा करने के लिए मना न करे। 

किडनी सेफ फूड्स खाएं 

हमेशा ताजे फल, सब्जियां और हेल्दी खाना ही डाइट में शामिल करें और उसकी मात्रा का भी ध्यान रखें। इसके साथ ही नमक के ज्यादा सेवन, व्रत के पैकेट फूड्स और जूस से सख्त परहेज करना है। अगर किडनी से जुड़ी समस्या है, तो पोटेशियम और फॉस्फरस का सेवन बंद कर दें। 

बिना दवा के व्रत न रखें 

व्रत की वजह से डायबिटीज, बीपी और किडनी से जुड़ी अपनी दवा में किसी भी तरह का बदलाव करने के न सोचें। यहां जान लेने वाली बात यह है कि कुछ दवाएं डिहाइड्रेशन या हाइपोग्लाइसीमिया का जोखिम भी बढ़ा सकती हैं। 

व्रत को कब तुरंत छोड़ देना है? 

अगर जरूरत से ज्यादा थकान, बेहोशी, डिहाइड्रेशन, उल्टी और कम ब्लड शुगर या बीपी जैसी स्थिति में व्रत छोड़ देने में ही भलाई है। इस बात को समझें कि डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मरीजों को अपनी किडनी की सुरक्षा सबसे जरूरी है। इसके लिए नवरात्र में व्रत रखने से पहले नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी के डॉक्टर) से सलाह अवश्य लें।  

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(डॉ. भानु मिश्रा, फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग में कंसल्टेंट - नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी रोग विशेषज्ञ) हैं)