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बच्चों की खान-पान की आदतें दे रही हैं हार्ट अटैक को न्योता, डाइट में आज ही करें 5 बदलाव

Published: Fri, 16 Jan 2026 04:08 PM (IST)

क्या आप भी मानते हैं कि दिल की बीमारियां वयस्क होने के बाद ही शुरू होती हैं? अगर हां, तो ...और पढ़ें

बचपन में ही सुधारें खान-पान की आदतें (Picture Courtesy: Freepik)

बचपन में ही सुधारें खान-पान की आदतें (Picture Courtesy: Freepik)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दिल की बीमारियों अब सिर्फ बुढ़ापे की समस्या नहीं है। दरअसल, 30-40 की उम्र में शुरू होने वाली दिल की बीमारियों की शुरुआत बहुत पहले बचपन में ही हो चुकी होती है।  जी हां, बचपन में हम जो भी खाते हैं, उसका असर तब भले ही उतना नहीं दिखता है, लेकिन आगे चलकर इसके नुकसान जरूर भोगने पड़ते हैं। 

आज की लाइफस्टाइल में चिप्स, बिस्किट, नूडल्स आदि बच्चों की डाइट का आम हिस्सा बन चुके हैं। अब वह दौर गया, जब बच्चों को कभी-कभार बिस्किट या केक खाने को दिया जाता था। यहीं वजह है कि आजकल बच्चों का वजन तेजी से बढ़ रहा है। इतना ही नहीं, जंक फूड खाने की आदत दिल की बीमारियों का बीज भी रही है, लेकिन इससे बचा जा सकता है। आइए जानें कैसे। 

Heart Health (1)

(Picture Courtesy: Freepik)

बचपन के खान-पान की आदतें और दिल का कनेक्शन

जब कोई बच्चा बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड और शुगर से भरपूर खाना खाता है, तो उसके शरीर में कई नकारात्मक बदलाव शुरू हो जाते हैं-

  • आर्टरीज में फैट का जमाव- आर्टरीज में प्लाक जमने की प्रक्रिया किशोरावस्था से ही शुरू हो सकती है। ज्यादा अनहेल्दी फैट और नमक वाला खाना आर्टरीज को सख्त बना देता है, जिसके कारण कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का रिस्क काफी बढ़ जाता है।
  • बचपन का मोटापा- मोटापा सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल से जुड़ा है। अगर बच्चा बचपन में मोटापे का शिकार है, तो वयस्क होने पर उसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक आने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस- ज्यादा मीठा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट खाने से बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है, जो आगे चलकर दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण बनता है।

कौन-सी आदतें हैं सबसे खतरनाक?

  • ज्यादा नमक- पैकेट बंद स्नैक्स और नूडल्स में मौजूद नमक ब्लड प्रेशर को कम उम्र में ही बढ़ा देता है।
  • शुगर ड्रिंक्स- कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेट वाले जूस न केवल कैलोरी बढ़ाते हैं, बल्कि दिल की नसों में सूजन भी पैदा करते हैं।
  • फिजिकल एक्टिविटी की कमी- स्क्रीन टाइम (मोबाइल/टीवी) बढ़ने और बाहर खेलने की कमी से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल कम होने लगता है।
Reasons of heart disease

बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

अपने बच्चे के दिल को सुरक्षित रखने के लिए माता-पिता को आज ही से ये बदलाव करने चाहिए-

  • रेनबो डाइट अपनाएं- बच्चों की थाली रंगीन होनी चाहिए, लेकिन रंगों के लिए आर्टिफिशियल कलर नहीं, बल्कि फल और सब्जियां हों। हर रंग की सब्जी अलग-अलग एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जो दिल की नसों की रक्षा करते हैं।
  • लेबल पढ़ने की आदत डालें- बाजार से कुछ भी खरीदते समय ट्रांस फैट, हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप और सोडियम की मात्रा जरूर जांचें। जिस प्रोडक्ट में ये ज्यादा हों, उसे न खरीदें।
  • पानी को दें प्राथमिकता- सॉफ्ट ड्रिंक या फ्लेवर्ड मिल्क की जगह बच्चे को सादा पानी या नारियल पानी पीने के लिए प्रेरित करें।
  • एक्टिव लाइफस्टाइल- तय करें कि बच्चा हर दिन कम से कम 60 मिनट बाहर खेले। यह न केवल कैलोरी बर्न करता है, बल्कि दिल की मांसपेशियों को मजबूत भी करता है।
  • रोल मॉडल बनें- बच्चे वही सीखते हैं जो वे देखते हैं। अगर माता-पिता खुद फल खाते हैं और व्यायाम करते हैं, तो बच्चे स्वाभाविक रूप से उन आदतों को अपना लेंगे।

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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।