100-150 रुपये के सस्ते सनग्लासेज कहीं आंखों के लिए न बन जाएं मुसीबत, खरीदने से पहले ध्यान रखें ये जरूरी बातें
आंखों की सुरक्षा के लिए यूवी प्रोटेक्शन वाले ब्रांडेड सनग्लासेज चुनें, जिनका फ्रेम आंखों को पूरी तरह कवर करे।

सस्ते सनग्लासेज का आंखों पर बुरा प्रभाव (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इस बात में कोई शक नहीं कि सनग्लासेज आउटफिट के साथ एक अलग ही वाइब देते हैं, लेकिन इनका काम कूल दिखने से थोड़ा ज्यादा ही होता है। ऐसे में अगर आप गर्मियों की तपिश और धूल-मिट्टी से बचाने वाले सनग्लासेज राह चलते किसी भी बाजार से सस्ते में खरीद लेते हैं, तो जेब के लिए यह किफायती जरूर है लेकिन आंखों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
सस्ते सनग्लासेज का आंखों पर बुरा प्रभाव
गर्मियों के मौसम में 100-150 रुपये में बिकने वाले सनग्लासेज स्टाइलिश दिखते जरूर होंगे, पर इनसे आंखों की हेल्थ खराब हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये सनग्लासेज यूवी रेज प्रोटेक्शन वाले नहीं होते और आंखों पर तब भी धूप पड़ रही होती है। इससे मोतियाबिंद, मैक्यूलर डिजनरेशन, रेटिना के डैमेज होने, आंखों पर दबाव पड़ना, संवेदनशीलता और ड्राइनेस की समस्या भी बढ़ जाती है।
सही सनग्लासेज का चुनाव कैसे करें?
सही सनग्लासेज चुनते समय बहुत सी बातों का ध्यान रखा जाना जरूरी है, जिनके बारे में यहां बताया जा रहा है:
यूवी प्रोटेक्शन पहली शर्त
सनग्लासेज खरीदते समय सबसे पहली शर्त यूवी प्रोटेक्शन होना चाहिए। उसका लेबल चेक करें कि वह आंखों की कितने प्रतिशत हानिकारक किरणों से रक्षा करेगा। अगर उसकी UV 400 रेटिंग है तो इसका मतलब है कि वो आंखों को सही मायने में धूप से बचाएंगे।
फ्रेम का आकार
दूसरी चीज यह देखें कि उसके फ्रेम थोड़े बड़े और इस तरह के हों कि उससे आंखों के आसपास के एरिया पूरी तरह से कवर हो जाएं।
लेंस का कलर
लोगों को लगता है कि सनग्लासेज का कलर जितना डार्क होगा, वह यूवी रेज से उतनी ही अच्छी सुरक्षा करेगा। जबकि ब्राउन लेंस से ज्यादा ग्रे लेंस हानिकारक किरणों से बेहतर ढंग से सुरक्षा कर पाते हैं।
ब्रैंड और क्वालिटी
सनग्लासेज 100-150 रुपये में मिल रहे हैं और आपको लग रहा है कि आप पैसे बचा रहे हैं तो यह बड़ी भूल है। इन्हें हमेशा ब्रैंडेड और अच्छी क्वालिटी का ही खरीदा जाना चाहिए ताकि आंखों की हेल्थ से समझौता न हो।
चेहरे की बनावट
सनग्लासेज के फ्रेम तो ऐसे होने चाहिए कि वो आंखों को अच्छी तरह से ढक सकें, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि वो आपके फेस पर अच्छे लग रहे हैं या नहीं। इनका चेहरे पर फिट बैठना भी लुक के लिए जरूरी है।
