सावधान! सिर्फ मोटापा ही नहीं, आपके बच्चे के दिमाग से भी खेल रहा है जंक फूड, नई स्टडी में बड़ा अलर्ट
एक नई स्टडी के अनुसार, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने से बच्चों के दिमाग का रिवॉर्ड सिस्टम ज्यादा एक्टिव हो जाता है, जिससे उनमें तेजी से मोटापा बढ़ता है।

जंक फूड से बच्चों की सेहत पर खतरनाक असर (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। स्कूल के बाद चिप्स का एक पैकेट खा लेना या शाम को स्नैक्स में बिस्कुट खाना या कभी-कभी बर्गर खा लेना बहुत आम बात लगती है। लेकिन एक नई रिसर्च आपको इस बारे में सोचने पर मजबूर कर देगी। हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक, अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स खाने को देखकर बच्चों का दिमाग रिएक्ट कर रहा है।
जी हां, आमतौर पर हम प्रोसेस्ड फूड्स को सिर्फ मोटापे से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इस स्टडी में इसका दिमाग से भी कनेक्शन जोड़ा गया है। साथ ही, अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड खाने वाले बच्चों में आने वाले एक साल में चर्बी भी तेजी से बढ़ सकती है। आइए जानें क्या कहती है ये नई स्टडी।
क्या कहती है नई रिसर्च?
इस महीने जामा नेटवर्क ओपन में छपी रिपोर्ट में 46 ऐसे बच्चों पर स्टडी की गई, जो शुरुआत में पूरी तरह स्वस्थ वजन के थे। रिसर्च में सामने आया कि जिन बच्चों की डेली डाइट में प्रोसेस्ड फूड्स की मात्रा ज्यादा थी, जब उन्हें कुकीज और फ्रेंच फ्राइज जैसी लजीज चीजें दिखाई गईं, तो उनके दिमाग का रिवॉर्ड, मोटिवेशन और आदतों से जुड़ा हिस्सा ज्यादा एक्टिव हो गया।
दिमाग के इस तेज रिएक्शन के कारण अगले एक साल में उन बच्चों में बीएमआई और बॉडी फैट में ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई। इतना ही नहीं, जो बच्चे ज्यादा प्रोसेस्ड फूड खाते थे, उनकी कमर का साइज भी बढ़ा हुआ पाया गया।
क्या बच्चों के दिमाग को बदल रहा है जंक फूड?
इन नतीजों ने बचपन के मोटापे को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। इस स्टडी से एक सवाल ये भी सामने आ रहा है कि बच्चों का दिमाग खाने पर जिस तरह से रिएक्ट करता है, क्या वो ही वजन बढ़ने की मुख्य वजह है?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार इस तरह का खाना खाने से बच्चों में हैबिचुअल ईटिंग यानी खाने की आदत को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, इस स्टडी से ये साबित नहीं होता कि बच्चे खाने के एडिक्ट हो चुके हैं या जंक फूड सीधे तौर पर उनके दिमाग में कोई बदलाव कर रहा है।
सिर्फ चीनी नहीं है जिम्मेदार
रिसर्च में ये भी देखा गया कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए सिर्फ चीनी जिम्मेदार नहीं है। कई प्रोसेस्ड फूड्स में फैट्स और कार्बोहाइड्रेट का मेल होता है, जो दिमाग में एक रिवॉर्ड रिएक्शन पैदा करता है।
हालांकि, जब रिसर्चर्स ने ऐडेड शुगर की मात्रा को ध्यान में रखकर जांच की, तो प्रोसेस्ड फूड और दिमाग के रिएक्शन के बीच का कनेक्शन थोड़ा कमजोर हो गया। इससे संकेत मिलता है कि इसके पीछे और भी कई फैक्टर्स जिम्मेदार हो सकते हैं।
