नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। लाइफस्टाइल और खान-पान की खराबी की वजह से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पाइल्स भी एक ऐसी बीमारी है जिसकी सबसे बड़ी वजह कब्ज है। कब्ज होने पर स्टूल पास करने में जोर लगाना पड़ता है जिसकी वजह से पाइल्स की शिकायत होती है। पाइल्स उन लोगों को भी हो सकता है जिनका ज्यादा समय तक खड़े रहने का काम होता है। पाइल्स की बीमारी जेनेटिक भी हो सकती है। अगर फैमिली में किसी को यह परेशानी होती है, तो परिवार के और सदस्यों को भी हो सकती है। इस बीमारी में एनल के अंदर और बाहर सूजन आ जाती है, और उसके अंदर या बाहर मस्से बन जाते हैं। आप भी पाइल्स से परेशान रहते हैं तो हम आपको कुछ बेहतर नुस्खें बताते हैं जिनका इस्तेमाल करके आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं।

जैतून के तेल: 

पाइल्स की वजह से बैठना-उठना मुश्किल लगता है तो जैतून के तेल का इस्तेमाल करें। जैतून के तेल को बवासीर के मस्सों पर लगाएं सूजन में राहत होगी और दर्द भी कम होगा।

आंतरिक और बाहरी पाइल्स का इलाज करता है एलोवेरा जेल:

एनल के आंतरिक और बाहरी पाइल्स का इलाज करता है एलोवेरा। एलोवेरा में सूजनरोधक गुण मौजूद होते हैं जो आंतरिक और बाहरी पाइल्स के इलाज में लाभदायक है। एनल के बाहर मौजूद मस्सों में एलोवेरा जेल लगाएं, इससे खुजली दूर होती है।

जामुन के पत्तों से करें उपचार:

जामुन के पत्ते बवासीर का इलाज करने में बेहद मददगार है। 10 ग्राम जामुन के पत्तों को 250 मिली गाय के दूध में घोंट लें, इसे 7 दिन तक सुबह, दोपहर और शाम को पीने से बवासीर की वजह से आने वाला खून रुक जाता है।

बादाम का तेल: 

शुद्ध बादाम के तेल में रुई को डुबाकर पाइल्स के मस्सों पर लगाएं इससे सूजन और जलन कम होती है।

सेब का सिरका:

पाइल्स की वजह से खून आ रहा है तो एक चम्मच सेब के सिरके को डालकर पीए। अगर बादी बवासीर है तो सेब के सिरके को रुई में लगाकर सीधा एनल में लगाएं, इससे खुजली में राहत मिलेगी।

अंजीर बेहद है फायदेमंद:

तीन अंजीर एक गिलास पानी में भिगों दें, सुबह खाली पेट भीगी हुई अंजीर खाकर उसका पानी पी लें, आपको राहत मिलेगी।

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 

Edited By: Shahina Noor