पुरुषों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकती हैं ये 5 बीमारियां, समय रहते कराएं हेल्थ चेकअप
जब तक बहुत जरूरी ना हो पुरुष डॉक्टर के पास नहीं जाना चाहते, ऐसे में मामूली नजर आने वाली बीमारी भी गंभीर रूप ले लेती है।

पुरुषों को चुपचाप बीमार करने वाली 5 जानलेवा बीमारियां (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं, जिसके लक्षण शुरुआती चरण में नजर नहीं आते। ये बीमारियां साइलेंट किलर की तरह धीरे-धीरे अपने पैर पसारती रहती हैं और रोगी को इसका पता भी नहीं चलता।
हालांकि, कुछ ऐसी बीमारियां हैं जो ज्यादातर सेहत को लेकर टाल-मटोल रवैया रखने वाले पुरुषों को अपनी चपेट में लेते हैं। इस आर्टिकल में हम ऐसी 5 बीमारियों के बारे में जानेंगे, जो पुरुषों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है।
मोटापा
मौजूदा अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइन्स के मुताबिक 25 किग्रा./एम2 या इससे ऊपर की बीएमआई को ओवरवेट की श्रेणी में रखा गया है। एशियाई देश के लोगों को इसका खतरा ज्यादा है, इसलिए उनकी बीएमआई 23 किग्रा./एम2 के नीचे रखने की सलाह दी जाती है।
- क्या होता है नुकसान: मोटापे की वजह से हार्ट डिजीज और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।
- क्या करें: ऐसे में बीएमआई को कंट्रोल में रखना ही सबसे सरल उपाय है।
हाइपरटेंशन
भारत में 40% पुरुषों को पता ही नहीं होता कि उन्हें हाइपरटेंशन या ब्लड प्रेशर की समस्या है। द जर्नल ऑफ हाइपरटेंशन के अनुसार भारत में 57% मौतें स्ट्रोक और लगभग एक तिहाई मौतें हार्ट डिजीज की वजह से होती हैं।
- क्या होता है नुकसान: इसकी वजह से कोरोनरी आर्टरी डिजीज, स्ट्रोक, हार्ट फेल्यिर और किडनी फेल्यिर की समस्या हो सकती है।
- क्या करें: अगर आपका ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है तो हर साल ब्लड प्रेशर चेक कराएं।
डायबिटीज
खून में ग्लूकोज की ज्यादा मात्रा की वजह से होने वाली यह एक क्रॉनिक बीमारी है, जिससे शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता। भारत में 45 साल से अधिक उम्र के पांच में एक पुरुष इससे पीड़ित है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में इसका प्रतिशत 9.5% ज्यादा है।
- क्या होता है नुकसान: डायबिटीज को नियंत्रित ना करने से ब्लाइंडनेस, अंगभंग, किडनी फेलियर और नपुंसकता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- क्या करें: अगर आप 40 साल से अधिक उम्र के हैं तो हर तीन साल पर फास्टिंग ग्लूकोज टेस्ट कराएं।
हाई कोलेस्ट्रॉल
यह खून में लिपिड के हाई लेवल को दर्शाता है। आईसीएमआर के हाल के स्टडी में यह बात सामने आई है कि शहरों में रहने वाले 89% भारतीयों में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा पाई जाती है।
- क्या होता है नुकसान: इससे हार्ट डिजीज, स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
- क्या करें: 40 से अधिक उम्र के लोगों को हर तीन साल पर फास्टिंग लिपिड की जांच करानी चाहिए।
कोलन कैंसर
यह पुरुषों में पाया जाने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर है। एशिया में इस कैंसर के आंकड़ें काफी ज्यादा हैं।
- क्या होता है नुकसान: अगर इसका इलाज ना किया जाए तो कोलन का बड़ा हिस्सा रिमूव करना पड़ सकता है।
- क्या करें: बाकी कैंसर की तरह ही कोलन कैंसर की पहचान के लिए समय–समय पर जांच कराना जरूरी है। इससे छोटे आकार के पॉलिप या मस्से का आकार बढ़ने से पहले ही पता चल सकता है।
