Vitamin-C Deficiency: शरीर में विटामिन-सी की कमी से हो सकती हैं ये 5 बीमारियां
Vitamin-C Deficiency विटामिन-सी हमारे शरीर के स्वस्थ कामकाज के लिए सबसे आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है। शरीर में कोलेजन के उचित निर्माण के लिए ज़िम्मेदार होने के अलावा यह हड्डियों के विकास रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य और घाव भरने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Vitamin-C Deficiency: जब बात आती है शरीर की सेहत को बनाए रखने की, तो पोषक तत्व और खनिज एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारा आहार संतुलित और पौष्टिक होना चाहिए। विटामिन-सी हमारे शरीर के स्वस्थ कामकाज के लिए सबसे आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है। शरीर में कोलेजन के उचित निर्माण के लिए ज़िम्मेदार होने के अलावा, यह हड्डियों के विकास, रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य और घाव भरने के लिए भी महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि विटामिन सी की कमी से कई बीमारियां हो सकती हैं, जो आगे चलकर जटिलताएं पैदा कर सकती हैं।
विटामिन-सी की कमी से होती हैं ये समस्याएं
1. स्कर्वी
यह एक तरह का रक्तरोग होता है, जो विटामिन-सी की कमी से जुड़ी सबसे प्रमुख बीमारी है। यह आहार में विटामिन-सी की भारी कमी को दर्शाता है, जिससे चोट लगना, मसूड़ों से खून आना, कमज़ोरी, थकान, दाने आदि जैसी समस्याएं होती हैं। शुरुआती चेतावनी के संकेतों में अस्पष्टीकृत थकान, भूख कम लगना, चिड़चिड़ापन और जोड़ों का दर्द शामिल हो सकते हैं। अगर इसका इलाज न किया जाए, तो यह एनीमिया, मसूड़े की सूजन, त्वचा के रक्तस्राव आदि का कारण बन सकता है।
2. हाइपर-थाइरॉइडिज़्म
हाइपर-थायरॉयडिज़्म तब होता है, जब थायरॉयड ग्रंथि अतिरिक्त हार्मोन स्रावित करती है। अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के साथ विटामिन सी आपके थायराइड स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक विटामिन-सी की कमी से थायरॉयड ग्रंथियों से हार्मोन का अधिक स्राव हो सकता है, जिससे हाइपर-थायरॉयडिज़्म हो सकता है, जिससे अचानक वज़न कम हो जाता है, दिल की धड़कनें बढ़ना, भूख ज़्यादा लगना, घबराहट, कंपकंपी, महिलाओं में मासिक धर्म के पैटर्न में बदलाव आदि जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।
3. अनीमिया
डाइट में विटामिन-सी को शामिल करना बेहद ज़रूरी होता है। कई फायदों के अलावा, विटामिन-सी आयरन के अवशोषण में मदद करता है, जो एनीमिया जैसी बीमारियों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है, जो आपके शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कम संख्या या गुणवत्ता का परिणाम है। लक्षणों में थकान, पीलापन, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, वज़न कम होना आदि शामिल हो सकते हैं।
4. मसूड़ों में से ख़ून आना
जब आपके दंत स्वास्थ्य की बात आती है, तो विटामिन सी अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। यह आपके दांतों को तो मज़बूत करता ही है, साथ ही मसूढ़ों की भी रक्षा करता है। इसलिए, विटामिन-सी की कमी से मसूड़ों से खून आना और मसूड़ों की बीमारी हो सकती है।
5. त्वचा से जुड़ी बीमारियां
त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखने में विटामिन-सी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और कोलेजन उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, एक प्रोटीन जो त्वचा, बाल, जोड़ों आदि जैसे संयोजी ऊतकों में प्रचुर मात्रा में होता है, स्वस्थ त्वचा के लिए महत्वपूर्ण होता है। विटामिन-सी की कमी, जिसे स्कर्वी भी कहा जाता है, त्वचा के घावों का कारण बन सकती है।
विटामिन-सी की कमी को कैसे ठीक किया जाए?
अपने आहार में विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना इस स्थिति का इलाज करने का सबसे अच्छा तरीका है। डाइट में सिटरस फल और विटामिन-सी से भरपूर सब्ज़ियां खूब लें। धूम्रपान से बचना चाहिए क्योंकि अध्ययनों में साबित हुआ है कि स्मोकिंग करने वालों के शरीर में विटामिन-सी की मात्रा अक्सर कम होती है। आप विटामिन-सी के सप्लीमेंट ले सकते हैं, लेकिन अपने डॉक्टर से सलाह के बाद।
Disclaimer:लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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