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    Dealing With Stress: अक्सर जूझते हैं तनाव से, तो इससे निपटने में आपकी मदद करेगी रोज की यह एक आदत!

    Dealing With Stress आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसा शायद ही कोई हो जिसे स्ट्रेस न हो। ऑफिस का स्ट्रेस फाइनेंशियल स्ट्रेस पढ़ाई का स्ट्रेस परिवार से मिलने वाला स्ट्रेस। हर जगह किसी न किसी तरह लोग स्ट्रेस का शिकार हो रहे हैं। अगर आप भी अक्सर तनाव से जूझते हैं तो रोज डायरी लिखना शुरू करें। आइए जानते हैं जर्नलिंग के 5 फायदे।

    By Jagran NewsEdited By: Ruhee ParvezUpdated: Fri, 04 Aug 2023 02:43 PM (IST)
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    Dealing With Stress: तनाव से निपटने के लिए जर्नलिंग के 5 फायदे

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Dealing With Stress: तनाव आम जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। आजकल बच्चे से लेकर बूढ़े तक सभी तनाव में हैं। लेकिन तनाव के साथ जीवन जीने का मतलब है कि भगवान के दिए इस खूबसूरत जीवन का निरादर करना। ऐसे में आप जर्नलिंग करके अपना दिल हल्का कर सकते हैं।

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    जर्नालिंग का मतलब है कि अपनी हर प्रकार की भावनाओं को पेपर या डायरी में लिखना। आइए जानते हैं कि तनाव से मुक्ति पाने में जर्नल कैसे मदद करती है? 

    1. आज के दौर में जर्नल एक ताकतवर औजार है, जिसे कोई भी कहीं भी इस्तेमाल कर सकता है। अपने बैग में, ट्रॉली में, अलमारी में या फिर एक छोटी सी डायरी आप अपनी पॉकेट में भी रख सकते हैं। पेन और डायरी उपलब्ध नहीं है, तो अपने फोन के नोट्स सेक्शन में आप आराम से अपनी बातें लिख सकते हैं।

    2. जब आपके पास कोई शेयर करने वाला न हो या समाजिक जजमेंट के डर से आप अपनी बात किसी को न बता पा रहे हों तो आप अपने दिमाग में आने वाले हर तरह के सकारात्मक या नकारात्मक विचार अपनी डायरी में लिखें। इससे आपको लगेगा कि आपने अपनी बात किसी से शेयर कर ली और आपका मन हल्का होगा।

    3. अपनी बातें ऐसे लिखें जैसे आप किसी से बातें कर रहे हों। यहां कोई भी आपकी व्याकरण त्रुटि देखने नहीं आने वाला है। आराम से अपने हिसाब से कुछ भी कैसे भी लिखें। मन में कोई बात खाए जा रही है या कोई भड़ास निकालनी है, तो आपका उद्देश्य है कि सबकुछ डायरी पर लिख कर उड़ेल देना। जिससे आपके भारी मन से ये बोझ उतर सके।

    4. आप रोज़ लिखने की आदत डालें। ऐसा करने से आप आत्म मंथन कर पाएंगे कि ऐसी कौन सी बात है जो आपको रोज परेशान करती है। जिससे आप उसे अपनी दिनचर्या से बाहर करने के तरीके खोज सकते हैं। हर रोज़ खुद को खुल कर एक्सप्रेस करने से आपके स्वभाव में भी बदलाव आएगा, आपको गुस्सा कम आएगा, आप कम चिढ़ेंगे और चिल्लाएंगे।

    5. जर्नलिंग एक प्रकार का मेंटल हेल्थ मैनेजमेंट का तरीका है। जिसका समर्थन सभी मनोचिकित्सक करते हैं। नियमित ऐसा करने से धीरे-धीरे आप अपने मानसिक स्वास्थ्य में सुधार पाएंगे।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अगर आप अक्सर तनाव में रहते हैं, तो आपको मेडिकल एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए। 

    Picture Courtesy: Freepik