दिखने में पनीर, स्वाद एकदम नमकीन! पर धुएं में पकती है ये भूरी टिकिया, बंगाल की बैंडेल चीज का पुर्तगाल से है नाता
बैंडेल चीज, जो दिखने में पनीर जैसी है पर स्वाद में नमकीन, बंगाल की एक अनोखी देन है जिसका पुर्तगाल से गहरा संबंध है।

बंगाल के बैंडेल शहर पर है चीज का नाम (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। घर में पनीर की सब्जी अक्सर किसी तीज-त्योहार के मौके पर बनती है, तो वहीं पार्टी के ओकेजन पर लोग चीज बर्गर या पिज्जा खाने लगे हैं। पर आज हम जिसकी बात करने वाले हैं वो न ही रोजाना की पनीर है और न ही इटालियन पिज्जा पर डाली जाने वाली आम चीज। इसका नाम है बैंडेल की चीज, जिसकी पहचान बंगाल से जुड़ी हुई है; लेकिन इसका कनेक्शन पुर्तगाल से है।
बंगाल के बैंडेल शहर पर है चीज का नाम
बैंडेल चीज की कहानी बंगाल के शहर बैंडेल से जुड़ी है और इसका संबंध पुर्तगालियों से है। इस कहानी की शुरुआत 16 वीं शताब्दी में हुई थी, जब पुर्तगाली व्यापारिक उद्देश्यों के चलते बंगाल के तटीय इलाकों में पहुंचे। उस समय बंगाल के तीन व्यापारिक केंद्र चटगांव, सप्तग्राम और बैंडेल थे। इसमें भी बैंडेल शहर के बनने की कहानी सबसे दिलचस्प है। वो दौर मुगल बादशाह शाहजहां का था और पुर्तगाली अपने टैक्स का हिस्सा मुगलों के साथ साझा करने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थे।
ऐसे में मुगलों ने हुगली और उसके किलों को तबाह कर दिया, यही वजह रही कि इस घेराबंदी के बाद पुर्तगालियों को हुगली के बाहरी इलाके में बैंडेल नामक शहर बसाया। बता दें कि बैंडेल शब्द बंगाली के बोंदोर से ही निकला है, जिसका मतलब होता है बंदरगाह।
ऐसे बनी बैंडेल की चीज
मुगलों से पुर्तगालियों की लड़ाई के बाद बंगाल में उनकी जनसंख्या इतनी कम हो गई थी कि बैंडेल शहर में रहने वाले इन विदेशियों को यहां के स्थानीय रसोइए रखने पड़े। इन्हें दूध को फाड़कर चीज बनाने की तकनीक सिखाई गई और इस तरह बैंडेल चीज का आविष्कार हुआ। फिर धीरे-धीरे यह चीज आम लोगों के बीच भी लोकप्रिय होती गई और यह बंगाल के खानपान का खास हिस्सा बन गई। आज इसी छैना से बनी मिठाइयां जैसे रोशगुल्ला और संदेश बंगाल की पहचान हैं।
क्या है बनाने का तरीका?
इस चीज को बनाने के लिए सबसे पहले गाय का दूध लेकर एसिड डाला जाता है, ताकि वह फट जाए। फिर इसमें से अलग हुए छैने को निकालते हैं और उसे सुखाकर गूंथ लेते हैं। इसके बाद इन्हें मोटी टिकिया का आकार देकर शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए ऊपर से नमक लगाते हैं। सबसे आखिर में इन टिकियों को पारंपरिक ओवन या चूल्हे के धुएं में पकाते हैं। इस तरह भूरे रंग की बैंडेल चीज तैयार होती है।
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