एक ही तरह की 'कढ़ी' खाकर ऊब चुका है मन, तो ट्राई करें इसकी 8 अनोखी वेराइटी
क्या आप जानते हैं कि कढ़ी सिर्फ एक ही तरह की नहीं होती बल्कि इसे कई तरह से बनाया जा सकता है जिसका अपना अनोखा स्वाद होता है? अगर आप भी एक ही तरह की कढ़ी खाकर ऊब चुके हैं तो आज हम आपको कढ़ी की 8 अनोखी वेराइटीज (Different types of Kadhi) के बारे में बताने जा रहे हैं जिनसे आप अपने खाने में एक नयापन ला सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Different types of Kadhi: भारत के अलग-अलग कोनों में बेसन से तैयार की जाने वाली कढ़ी अपने-अपने शानदार स्वाद के तरीकों के लिए जानी जाती है। यह व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि देश की विविधता का भी प्रतीक है।
पंजाब में, कढ़ी को मसालों के तड़के के साथ बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद तीखा और मजेदार हो जाता है। इसके विपरीत, गुजरात में कढ़ी को मीठा और खट्टा स्वाद देने के लिए गुड़ और दही का इस्तेमाल किया जाता है। दक्षिण भारत में, नारियल और कढ़ी पत्ते का तड़का लगाकर कढ़ी में एक अनोखा स्वाद जोड़ा जाता है।
हमारे देश के हर क्षेत्र में कढ़ी को बनाने का अपना अलग तरीका है, लेकिन सभी में एक बात समान है – उनका स्वाद बेहद लजीज होता है। अगर आप भी कढ़ी के शौकीन हैं, तो आप इन विभिन्न हिस्सों की कढ़ी को बनाकर उनके स्वाद का लुत्फ उठा सकते हैं। आइए जानें।
पंजाबी कढ़ी
पंजाबी कढ़ी एक मसालेदार और गाढ़ी कढ़ी है, जिसमें बेसन की पकौड़ियां डालकर इसका स्वाद और बढ़ाया जाता है। इसमें जीरा, हरी मिर्च, प्याज और लहसुन का तड़का लगाकर इसे एक तीखा और मसालेदार स्वाद दिया जाता है।
गुजराती कढ़ी
गुजराती कढ़ी का स्वाद खट्टा-मीठा होता है, क्योंकि इसमें दही और गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। यह हल्की और पतली होती है, और इसमें कम मसालों का उपयोग किया जाता है, जिससे यह आसानी से पच जाती है।
राजस्थानी कढ़ी
राजस्थानी कढ़ी एक मसालेदार और गाढ़ी कढ़ी है। इसे राई, मेथी, हींग और साबुत लाल मिर्च के तड़के के साथ बेसन, छांछ, नमक और हल्दी के घोल से तैयार किया जाता है। राजस्थानी कढ़ी में आमतौर पर पकौड़ियां नहीं डाली जातीं और इसका तड़का सरसों के तेल में दिया जाता है।
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महाराष्ट्रीयन कढ़ी
महाराष्ट्रीयन कढ़ी में नारियल और कढ़ी पत्ते का तड़का लगाया जाता है, जिससे इसका स्वाद हल्का और सुगंधित होता है। इसमें बेसन की जगह कभी-कभी मूंग दाल का इस्तेमाल भी किया जाता है।
सिंधी कढ़ी
सिंधी कढ़ी को टमाटर, बेसन और विभिन्न सब्जियों के साथ बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद मसालेदार और थोड़ा खट्टा होता है। यह सिंधी खानपान का एक जरूरी हिस्सा है।
कश्मीरी कढ़ी
कश्मीरी कढ़ी को तैयार करने में कमल के तने और पनीर जैसी सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है। बेसन, दही और क्षेत्रीय मसालों से बनी यह कढ़ी बेहद स्वादिष्ट होती है।
बिहारी कढ़ी
बिहारी कढ़ी में बेसन की पकौड़ियां डाली जाती हैं, और सरसों के तेल में हींग, जीरा, कढ़ी पत्ता और सूखी लाल मिर्च से तड़का लगाया जाता है, जो इसे एक खास तीखा स्वाद देता है।
हिमाचली कढ़ी
हिमाचली कढ़ी को दही, बेसन, आलू, मेथी और कढ़ी पत्ते के साथ बनाया जाता है। इसमें स्थानीय मसालों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसका स्वाद हल्का, खट्टा और लाजवाब होता है।
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