नवरात्र में सेहत न बिगाड़ दे कुट्टू का मिलावटी आटा, घर पर इन आसान तरीकों से करें शुद्धता की पहचान
नवरात्र में मिलावटी कुट्टू का आटा सेहत बिगाड़ सकता है, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है।

कुट्टू के आटे में मिलावट पहचानने के तरीके (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नवरात्र के पावन दिन शुरू हो गए हैं। ऐसे में, व्रत रखने वाले ज्यादातर लोग फलाहार के रूप में कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी, पकौड़ी या चीला खाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाला कुट्टू का आटा आपकी सेहत के लिए खतरनाक भी हो सकता है? जी हां, फेस्टिव सीजन में मुनाफे के लालच में इसमें मिलावट आम बात हो जाती है। हर साल नवरात्र में कुट्टू का आटा खाने से कई लोगों के बीमार पड़ने और फूड पॉइजनिंग की खबरें आती हैं।
मिलावटी या बहुत पुराने कुट्टू के आटे में फंगस लग सकती है या उसमें सिंघाड़े का पुराना आटा, चॉक पाउडर जैसी चीजें मिलाई जाती हैं। इसे खाने से पेट दर्द, उल्टी, चक्कर आना और डायरिया जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि आप जो आटा खा रहे हैं, वह बिल्कुल शुद्ध हो। आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं कुछ बेहद आसान तरीके (How to check fake Kuttu ka atta), जिनसे आप घर बैठे ही कुट्टू के आटे की शुद्धता की पहचान कर सकते हैं।
पानी का टेस्ट: एक पारदर्शी गिलास में पानी लें और उसमें एक चम्मच कुट्टू का आटा डालें। अगर आटा धीरे-धीरे नीचे बैठ जाए और पानी का रंग सामान्य रहे, तो यह शुद्ध है। लेकिन अगर पानी का रंग बहुत ज्यादा बदल जाए या ऊपर कुछ तैरता हुआ नजर आए, तो इसमें मिलावट हो सकती है।
नींबू का रस: एक कटोरी में थोड़ा सा कुट्टू का आटा लें और उस पर नींबू के रस की कुछ बूंदें डालें। अगर आटे में से बुलबुले उठने लगें, तो समझ जाइए कि इसमें चॉक पाउडर या बेकिंग सोडा मिलाया गया है। ऐसा आटा सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है।
छूकर और सूंघकर देखें: असली कुट्टू का आटा छूने में हल्का सा दरदरा होता है। अगर यह टेलकम पाउडर की तरह बहुत ज्यादा चिकना लगे, तो इसमें किसी सस्ते आटे की मिलावट हो सकती है। इसके अलावा, आटे को सूंघकर देखें। अगर इसमें से सीलन, जाले या कड़वी महक आ रही है, तो यह पुराना है और खराब हो चुका है।
आटा गूंथते समय ध्यान दें: कुट्टू के आटे में ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए यह आसानी से गुंधता या बंधता नहीं है। अगर आटा गूंथते समय वह गेहूं के आटे की तरह बहुत ज्यादा खिंचने लगे या आसानी से लोई बन जाए, तो इसका मतलब है कि उसमें मिलावट की गई है।
खरीदते समय बरतें ये सावधानियां
हमेशा कोशिश करें कि खुला आटा लेने के बजाय किसी अच्छी और भरोसेमंद दुकान से पैकेट बंद आटा ही खरीदें। पैकेट पर एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। अगर सम्भव हो, तो बाजार से कुट्टू की साबुत गिरी घर ले आएं और उसे साफ करके खुद मिक्सी में पीस लें। यह व्रत में शुद्धता सुनिश्चित करने का सबसे सुरक्षित और बेहतरीन तरीका है।
