Real and Fake Mawa Difference: होली के मौके पर मावे से बनाने वाले हैं मिठाइयां, तो ऐसे करें असली-नकली की पहचान
Real and Fake Mawa Difference होली के मौके पर अगर आप भी घर में बनाने वाली हैं मावे की गुजिया और बाजार से इसे खरीदने की सोच रही हैं तो आपको पता होना चाहिए असली-नकली मावे के बीच का फर्क।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Real and Fake Mawa Difference: होली का त्योहार बिना गुजिया के अधूरा है। गुजिया, मालपुआ और भी कई दूसरी तरह की मिठाइयां इस मौके पर घरों में बनाई खाई जाती हैं। इन्हें बनाने के लिए लोग मावा या खोया का इस्तेमाल करते हैं। बहुत ज्यादा डिमांड होने की वजह से बाजार में नकली मावा धड़ल्ले से बिकने लगता है। जो हमारी सेहत के लिए बहुत ही नुकसानदायक हो सकता है। तो अगर आप भी गुजिया, लड्डू या ऐसी कोई मिठाई बनाने वाले हैं जिसमें खोए की जरूरत है तो कोशिश करें इसे घर में ही तैयार करने की और अगर मार्केट से ले रहे हैं, तो फिर आपको पता होना चाहिए असली-नकली मावे की पहचान।
इस तरह बनता है नकली मावा
नकली मावा बनाने वाले शकरकंद, सिंघाड़े का आटा, आलू और मैदा का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा मावे में घटिया किस्म का सॉलिड मिल्क, टेलकम पाउडर, चॉक, और सफेद केमिकल की मिलावट मावा लड्डू के लिए की जाती है। इसलिए बाजार से खरीदारी करते समय पूरी पड़ताल कर लें। मावा का वजन बढ़ाने के लिए स्टार्च और आलू मिलाया जाता है।
नकली मावा-खोया की ऐसे करें पहचान
मावा या खोया को अपने अंगूठे के नाखून पर रगड़ें, अगर यह असली है तो इसमें से घी की महक आएगी और खुशबू देर तक रहेगी। खोया की हथेली पर गोली बनाएं। फटने लग जाए तो समझिए मावा नकली है या फिर इसमें मिलावट है। दो ग्राम मावा का पांच मिली लीटर गरम पानी में घोल बनाकर ठंडा कर लें। इसके बाद आयोडीन सॉल्यूशन डालें। रंग नीला हो जाए तो मावा नकली है। मावे में चीनी डालकर गरम करने पर अगर यह पानी छोडऩे लगे तो मावा नकली है। असली मावा खाने पर कच्चा दूध जैसा हो जाएगा। विश्वसनीय दुकान से मावा खरीदें। खोया असली है तो वो चिपचिपा नहीं होगा। दो दिन पुराना मावा न खरीदें।
तीन प्रकार का होता है मावा
- बट्टी खोया (Batti Mawa) यह खोया (mawa) काफी कड़ा, जमा हुआ रहता है।
- चिकना खोया (Chikna Mawa)।
- दानेदार खोया (Danedar Mawa)।
Pic credit- freepik
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