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क्या सचमुच सुंदर कपड़े पहनने से अच्छा हो जाता है आपका मूड, क्या है ‘डोपामिन ड्रेसिंग’ के पीछे का साइंस?

Published: Fri, 25 Sep 2026 11:44 AM (IST)

हमारे कपड़े और स्टाइल हमारे मूड को प्रभावित करते हैं, जिसे 'डोपामिन ड्रेसिंग' कहते हैं। अच्छे कपड़े पहनने से डोपामिन रिलीज होता है, जिससे खुशी और आत्मविश्वास बढ़ता है।

अच्छे कपड़ों से मूड भी हो जाता है अच्छा? (AI Generated Image)

अच्छे कपड़ों से मूड भी हो जाता है अच्छा? (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आप कैसे कपड़े पहनते हैं या किस तरह तैयार होते हैं, क्या इसका असर आपके मूड पर भी हो सकता है? यानी अगर आप अच्छे कपड़े पहनकर अच्छी तरह से तैयार हो, तो क्या इससे आपका मूड बेहतर हो सकता है? दरअसल, इसे डोपामिन ड्रेसिंग कहते हैं।

इसके मुताबिक हमारे कपड़े और स्टाइल हमारे मूड पर असर डालते हैं। अब सवाल आता है कि अच्छे कपड़े पहनकर या अच्छी तरह तैयार होने से मूड पर कैसे असर पड़ सकता है? आइए जानें डोपामिन ड्रेसिंग का क्या मतलब है और ये कैसे काम करता है।  

क्या है डोपामिन ड्रेसिंग?

डोपामिन हमारे दिमाग में रिलीज होने वाला एक केमिकल है, जिसे फील-गुड हार्मोन कहा जाता है। यानी इस केमिकल के रिलीज होने से हमें अच्छा महसूस होता है। ये केमिकल खुशी, मोटिवेशन और संतुष्टि के एहसास से जुड़ा है। डोपामिन ड्रेसिंग भी इन्हीं भावनाओं से जुड़ा है, यानी जब हम अपनी पसंद के रंगों वाले अच्छे कपड़े पहनते हैं, तो हमारा डोपामिन लेवल बढ़ जाता है। 

इसलिए अच्छे कपड़े पहनने और अच्छी तरह से तैयार होने पर हमारा दिमाग डोपामिन रिलीज करता है और हमें खुशी का एहसास होता है, जिससे मूड अच्छा हो जाता है। 

सचमुच अच्छे कपड़े पहनने से मूड अच्छा होता है?

दरअसल, हम जैसे कपड़े पहनते हैं या जिस तरह से तैयार होते हैं, उसका हमारे दिमाग पर असर होता है। जैसे किसी मीटिंग के लिए आपने कोई अच्छी शर्ट या ब्लेजर पहना है और अच्छी तरह तैयार हुए हैं, तो आपको खुद में ज्यादा कॉन्फिडेंट महसूस करते हैं। यानी कपड़ों आपके दिमाग में एक इंप्रेशन तैयार करते हैं और उसके हिसाब से आपका मूड भी बदलता है। 

इसकी तरह कुछ खास रंगों का भी मूड पर असर पड़ता है, जैसे पीला, नारंगी और हरा जैसे रंग खुशी और एनर्जी का प्रतीक माने जाते हैं। इन रंगों को देखकर हमें पॉजिटिविटी का एहसास होता है। इसी तरह जब हम किसी ड्रेस में स्मार्ट और सुंदर दिखते हैं, तो हमारा कॉन्फिडेंस बढ़ता है और स्ट्रेस या एंग्जायटी कम महसूस होती है।  

कंट्रोल का एहसास

कई बार ऐसा लगता है, जैसे आपकी जिंदगी में जो भी हो रहा है, वो आपके कंट्रोल से बाहर है। ऐसे में अपनी पसंद के कपड़े पहनना या जैसी इमेज आप अपनी बनाना चाहते हैं, उस हिसाब से तैयार होना आपको ये एहसास दिलाता है कि आपकी जिंदगी में अभी भी ऐसा कुछ है, जो आपके कंट्रोल में है।